आजमगढ़। डीएम राजेश कुमार की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में मनरेगा के तहत कंवर्जेंस विभागों द्वारा कार्यों का चयन कर प्रस्ताव के अनुमोदन के संबंध में बैठक हुई। कंवर्जेंस करने वाले सभी विभागों से कहा कि लॉक डाउन की अवधि में जनपद में काफी संख्या में प्रवासी मजदूरों का आगमन हुआ है। मुख्यमंत्री की मंशा है कि अधिक से अधिक लोगों को उनके गांव में ही रोजगार मिले। सभी विभाग 14 जुलाई से कार्य प्रारंभ कर दें। 15 जुलाई से वृहद स्तर पर कम से कम दो लाख लोगों को प्रतिदिन मनरेगा के तहत कार्य मिलना चाहिए।
विभाग ऐसा प्रोजेक्ट बनाए कि कार्य निरंतर चलता रहे। इसमें किसी प्रकार का गैप न आए। सभी विभाग इसकी पूरी तैयारी कर लें। कार्ययोजना को रविवार तक बनाकर स्वीकृत करा लें। मनरेगा एक्ट के तहत किसी भी कार्य में 60 प्रतिशत श्रमांश और 40 प्रतिशत मैटेरियल मद में खर्च किया जा सकता है। यह रेशियो कहीं भी टूटना नहीं चाहिए। मनरेगा का मुख्य उद्देश्य श्रमांश का अधिक से अधिक उपयोग करना है। विभागों को निर्देश दिए कि लापरवाही क्षम्य नहीं होगी। लघु सिंचाई विभाग को तीन करोड़ की कार्ययोजना बनाकर देने को कहा। वन विभाग को सुरक्षा खाई आदि बनाने के लिए 100 लाख का प्रोजेक्ट प्रस्तुत करने को कहा। सिंचाई विभाग को 50 करोड़ का लक्ष्य दिया गया। तमसा नदी में ड्रेजिंग की कार्ययोजना बनाने को कहा गया। छोटे-बड़े नालों की सफाई के लिए भी कार्ययोजना बनाने के निर्देश दिए। नहरों की सफाई के कार्य का सत्यापन टीम बनाकर कराने के लिए डीएम ने सीडीओ को निर्देश दिए। पीडब्ल्यूडी, उद्यान, कृषि, आईडब्ल्यूएमपी, मत्स्य, रेशम, पंचायती राज, जिला पंचायत, पशुपालन, बाल विकास विभाग को रविवार तक अपनी कार्ययोजना को स्वीकृत कराकर 14 जुलाई से कार्य प्रारंभ करने के निर्देश दिए।
बीएसए और डीआईओएस को निर्देश दिए कि खेल के मैदान तथा स्कूल के बाउंड्रीवाल के निर्माण की कार्ययोजना बनाकर मनरेगा से कार्य कराएं। सीवीओ को सभी पशु आश्रय केन्द्रों पर मॉडल के रूप में वर्मी कम्पोस्ट, टीन शेड, सुरक्षा खाई का कार्य मनरेगा के तहत कराने के निर्देश दिए। पीडब्ल्यूडी, जिला पंचायत, आरईएस को निर्देश दिए कि वे अपने रोड के किनारे की पटरी का कार्य मनरेगा के तहत कराएं। सीडीओ आनन्द कुमार शुक्ला, डीसी मनरेगा बीबी सिंह, बीएसए, पीडब्ल्यूडी, सिंचाई के एक्सईएन सहित संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।