आजमगढ़। वन विभाग कोरोना महामारी से लड़ाई में अप्रतिम योगदान देने वाले कोरोना योद्धा और महामारी में जान गंवाने वाले हर व्यक्ति की याद संजोने के लिए जिले के 1858 ग्राम पंचायतों में स्मृति वन बनाएगा। यह स्मृति वन औषधीय महत्व और प्रचुर ऑक्सीजन उत्सर्जन वाले पौधों का होगा। संक्रमण से जान गंवाने वालों की स्मृति में उनके स्वजन भी पौधा रोप सकेंगे। हर पौधे के साथ नाम की पट्टिका लगाई जाएगी।
वन विभाग स्मृति वन के लिए पौधे निश्शुल्क उपलब्ध कराएगा और संरक्षण भी करेगा। इस समृद्ध वन में अर्जुन, नीम, आंवला, जामुन, बहेड़ा जैसे औषधीय और प्रचुर मात्रा में ऑक्सीजन देने वाले पीपल, बरगद, पाकड़, छितवन के पौधे रोपे जाएंगे। शासन ने जिले के समस्त ग्राम पंचायतों में जमीन चिह्नित कर स्मृति वन स्थापित करने के निर्देश दिए हैं। हालांकि जिला प्रशासन की ओर से अभी सेंहदा में स्मृति वन स्थापित किया है। डीएफओ गंगा दत्त मिश्रा ने बताया कि मृतकों के परिजनों से भी अपील किया गया है कि वह स्मृति वन में जाकर पौधे लगाएं। जिले में महामारी के चलते 226 परिवारों ने अपनों को खोया है।
नि:शुल्क पौधे उपलब्ध कराएगा वन विभाग
आजमगढ़। डीएफओ गंगा दत्त मिश्रा ने कहा कि हर जिले में स्मृति वन बनाने का उद्देश्य से लोगों को पौधारोपण के प्रति जागरूक करना, कोरोना योद्धाओं के योगदान को हमेशा याद रखना और कोरोना से जान गंवाने वालों की यादें संजोना है। पौधे वन विभाग नि:शुल्क उपलब्ध कराएगा और संरक्षण भी करेगा। स्मृति वन में एक हजार से अधिक पौधे रोपे जाएंगे।