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आक्सीजन के लिए आत्मनिर्भर होगा मेडिकल कालेज

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आजमगढ़। राजकीय मेडिकल कालेज में कोरोना या किसी अन्य महामारी से निपटने के दौरान ऑक्सीजन के लिए परेशानी नहीं आएगी, न ही ऑक्सीजन के लिए प्राइवेट एजेंसियों पर निर्भर होना पड़ेगा। मेडिकल कालेज में जल्द ही ऑक्सीजन जनरेटर प्लांट लगाया जाएगा। इसे बनाने के लिए शासन से स्वीकृति दे दी गई है। पीडब्लूडी विभाग की ओर से निर्माण किया जाएगा। 197.28 लाख की लागत से लगने वाले प्लांट के लिए पहली किश्त में 98.63 लाख की धनराशि जारी कर दी गई है। जल्द ही यहां निर्माण कार्य शुरु करके ऑक्सीजन जनरेटर प्लांट लगाया जाएगा।
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आम तौर पर प्रतिदिन मेडिकल कालेज में 30 से 50 आक्सीजन सिलेंडर की ही आवश्यकता होती है। इसकी आपूर्ति टेंडर के माध्यम से तय एजेंसी से ली जाती है। कोरोना संक्रमण काल में चक्रपानपुर स्थित मेडिकल कालेज को एलथ्री अस्पताल बनाया गया। मंडल स्तर पर स्थापित इस स्पताल में आजमगढ़ के अलावा मऊ, बलिया के साथ ही आसपास के जनपदों कोरोना संक्रमित गंभीर मरीजों को यहां भेजा जाता है। कोवोडि-19 में आक्सीजन की असली आवश्यकता सामने आई। महामारी के अपने पीक पर होने पर यहां प्रतिदिन 150-160 सिलेंडरों तक की आवश्यकता होने लगी थी। प्रदेश में आक्सीजन सिलेंडरों की बढ़ती मांग से सिलेंडरों के रेट पर भी असर पड़ने लगे थे। उस समय यहां पर आक्सीजन जनरेटर प्लांट की आवश्यकता महसूस होने पर इसका प्रस्ताव बनाकर शासन को भेजा गया था। योजना तहत 197.28 लाख की लागत से ऑक्सीजन जनरेटर प्लांट लगाया जाएगा। इससे प्रतिदिन ऑक्सीजन सिलेंडर भरे जा सकेंगे। मेडिकल कालेज के प्रिंसिपल डॉ. आरपी शर्मा ने बताया कि इस प्लांट से प्रतिदिन 200 सिलेंडरों की आपूर्ति हो सकती है। प्लांट की स्थापना के लिए पीडब्ल्यूडी को कार्यदायी संस्था बनाया गया है। कोरोना काल के चलते ऑक्सीजन की खपत बढ़ी है। हालांकि अब कोरोना केस नाम-मात्र के मिल रहे हैं। उसमें भी गंभीर रोगियों की सख्या न के बराबर है, लेकिन कोरोना के नए स्ट्रेन और अन्य महामारी से निपटने के लिए स्वास्थ्य विभाग को आत्मनिर्भर बनाने के लिए ऑक्सीजन जनरेटर प्लांट लगाए जा रहे है।
छोटे सिलेंडरों से चलाया जाता है काम
आजमगढ़। फिलहाल मेंडकल कालेज के साथ ही जिला और अन्य सरकारी अस्पतालों में ऑक्सीजन सिलेंडरों से मरीजों को ऑक्सीजन की पूर्ति की जाती है। अस्पतालों में सेंट्रलाइज आक्सीजन की व्यवस्था के लिए पाइपलाइन की व्यवस्था पहले से है। प्लांट की क्षमता 200 सिलेंडर ऑक्सीजन प्रतिदिन तैयार करने की होगी। ऑक्सीजन जनरेटर प्लांट के जरिए नमी, धूल आदि को फिल्टर करने पर केवल 96 फीसद ऑक्सीजन स्टोर होगी। ऑक्सीजन को पाइपलाइन के जरिए वार्डों में सप्लाई किया जाएगा। दुर्घटनाग्रस्त, सांस, दमा के मरीजों के लिए राहत होगी।
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राजकीय मेडिकल कालेज में कोरोना काल में ऑक्सीजन जनरेटर प्लांट के लिए प्रस्ताव बनाकर भेजा गया था। इसे स्वीकृति मिल गई है। प्लांट की क्षमता प्रतिदिन 200 सिलेंडर की होगी। इससे मेडिकल कालेज ऑक्सीजन के मामले में आत्मनिर्भर बन जाएगा। जल्द इसके लिए कार्य शुरु करवाया जाएगा।
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डा. आरपी शर्मा, प्रिंसिपल मेडिल कालेज।
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