आजमगढ़। कोरोना काल में राजकीय मेडिकल कॉलेज ने शुरू से ही बेहतर कार्य किया है। जिसके देखते हुए शासन ने इस मेडिकल कॉलेज में कोरोना जांच लैब भी स्थापित कराया। मात्र तीन माह में मेडिकल कालेज के माइक्रो बायोलॉजी विभाग में स्थापित इस लैब ने तीन माह में ही एक लाख सैंपलों की जांच कर रिकार्ड कायम किया है और प्रदेश में पहले स्थान पर पहुंच गया है। मेडिकल कॉलेज बीएसएल-2 लैब की इस सफलता पर सोमवार को मेडिकल कॉलेज में एक कार्यक्रम भी आयोजित हुआ। जिसमें पूरे स्टाफ ने एक दूसरे को बधाईयां दी।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 31 अगस्त को प्रदेश के 10 मेडिकल कॉलेज में स्थापित बीएसएल-दो लैब का लोकार्पण किया था। इसके तहत आजमगढ़ मेडिकल कॉलेज में भी लैब स्थापित हुआ था। शुरूआत के दिनों में इस लैब पर सिर्फ आजमगढ़ जिले के कोरोना संदिग्धों के सैंपलों की ही जांच की जा रही थी। इसके बाद मंडल के मऊ व बलिया जिले के सैंपलों की भी जांच यहां की जाने लगी। शासन स्तर से नये स्थापित 10 लैब की निगरानी भी की जा रही है और माह दर माह सैंपलों की जांच के आधार पर शासन स्तर से रैकिंग भी की जा रही थी। मात्र तीन माह में ही मेडिकल कालेज चक्रपानपुर आजमगढ़ में स्थापित लैब ने एक लाख सैंपलों के जांच का आंकड़ा पार कर लिया। शासन से जारी नये रैंकिग में जिला नये स्थापित 10 मेडिकल कॉलेज लैबों में पहले स्थान पर पहुंच गया है। प्राचार्य डॉ. आरपी शर्मा ने बताया कि अन्य 9 मेडिकल कॉलेज में कोई भी तीन माह में 70 हजार सैंपलों की जांच से आगे नहीं बढ़ सका है। मेडिकल कालेज के माइक्रो बायलोजी विभाग की टीम के सामूहिक प्रयास से यह सफलता मिली है। प्रदेश के 10 मेडिकल कॉलेज में पहला स्थान प्राप्त होने पर मंडलायुक्त विजय विश्वास पंत, डीएम राजेश कुमार ने माइक्रो बायोलॉजी विभागाध्यक्ष डॉ. प्रतीक्षा श्रीवास्तव के साथ ही सभी स्टाफ व टेक्निशियन को बधाई दी है। वहीं एक कार्यक्रम भी मेडिकल कालेज में आयोजित किया गया। जिसमें डॉ. नियाज, डॉ. प्रतीक्षा, डॉ. राजेश, डॉ. एमके गुप्ता आदि मौजूद रहे।