शहर के मातबरगंज में पानी से घिरें घर।
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आजमगढ़। दो दिन की बारिश के बाद लोगों के सामने कई तरह की मुश्किलें पैदा हो गई हैं। मातबरगंज मुहल्ला 48 घंटे बाद डूबा हुआ है। लोग पहली मंजिल पर रह रहे हैं। विद्युत आपूर्ति भी ठप है। घरों में फंसे लोगों के सामने भोजन और पानी का भी संकट है। लोग कमर भर पानी में जाकर पीने का पानी और खाद्य सामग्री ला रहे हैं।
जिलाधिकारी कार्यालय से महज आधा किमी दूरी पर स्थित मातबरगंज मुहल्ले से सटे कोल बाजबहादुर गांव की हालत भी ऐसी ही है। इसी गांव से शहर के कई मुहल्लों का पानी नाले के जरिए तमसा में गिरता है। नाला और नालियों पर अतिक्रमण के चलते यहां भी जलभराव हो गया है। ग्राम प्रधान की शिकायत के बाद भी नाले की सफाई नहीं कराई जाती है। मुहल्लेवासी इस बात से खासे नाराज है कि अभी तक प्रशासन उनका हाल भी जानने नहीं पहुंचा। इलाके में बने कांशीराम आवास का भूतल भी जलमग्न है। यहां रहने वालों का जीवन ही अस्त-व्यस्त हो गया है। नगर पालिका टैंकर के जरिए जलापूर्ति कर रही है लेकिन दो दिनों से यहां बिजली नहीं है। मातबरगंज मुहल्ले में विद्युत वितरण व्यवस्था भूमिगत है। जब तक पूरा पानी नहीं निकाल जाता तब तक आपूर्ति बहाल नहीं हो पाएगी। मातबरगंज और कोल बाजबहादुर गांव का दक्षिण छोर पर डूबा हुा है। यहां दो पंपसेट लगाकर पानी नदी में डाला जा रहा है। लोगों का कहना है कि यही हाल रहा तो इलाके का पानी हफ्ते भर बाद ही निकल पाएगा। विकास कुमार, अधिशाषी अधिकारी नगर पालिका आजमगढ़ ने कहा कि नालियों में अतिक्रमण की शिकायत मिली है। अतिक्रमण हटाया जाएगा। उसके बाद जल निकासी की समस्या दूर हो जाएगी। फिलहाल दो पंपसेट के माध्यम से पानी को निकलवाया जा रहा है।