सगड़ी तहसील के उत्तरी सीमा से होकर गुजरने वाली घाघरा के जलस्तर में लगातार वृदि्ध हो रही है। डिघिया नाले पर गुरुवार को नदी का जलस्तर खतरे केनिशान के करीब पहुंच गया। नदी के बढ़ते जलस्तर को देख देवारावासियों के माथे पर शिकन की लकीरें उभर आई हैं।
जनपद के देवरांचल से होकर गुजरने वाली घाघरा एक बार फिर से अपने पुराने रूप को अख्तियार करती जा रही है। जिसे देख देवारावासियों की सांसे अटकी हुई हैं। विगत कई दिनों से नदी के जलस्तर में कभी तेज तो कभी धीमी रफ्तार से नदी के जलस्तर में बढ़ोत्तरी हो रही है।
बुधवार की शाम चार बजे बदरहुआं नाले पर नदी का जो जलस्तर 70.66 मीटर दर्ज किया गया था। गुरुवार की सुबह आठ बजे वह बढ़कर 70.94 मीटर दर्ज किया गया। शाम चार बजे यह बढ़कर 71 मीटर पर पहुंच गया। बदरहुआं पर नदी का खतरा बिंदु 71.68 मीटर है। वहीं डिघिया नाले पर बुधवार की शाम चार बजे नदी जलस्तर 69.87 मीटर था। जो गुरुवार की सुबह आठ बजे 70.13 मीटर और शाम चार बजे 70.17 मीटर पर पहुंच गया।
डिघिया नाले पर नदी का खतरा बिंदु 70.40 मीटर है। इस प्रकार नदी बदरहुंआ पर 68 सेमी और डिघिया नाले पर 23 सेमी खतरा बिंदु से नीचे बह रही है। जलस्तर बढ़ने से क्षेत्र के चक्की हाजीपुर, सोनौरा, शाहडीह, भदौरा मकरंद, मानिकपुर आदि गांवों के रास्ते पानी से डूब गए हैं।
पानी से होकर लोगों को आवागमन करना पड़ रहा है। लोगों के सामने जहां पशुओं के चारे की व्यवस्था करनी भारी पड़ रही है। वहीं स्कूली बच्चों को स्कूल जाने में परशानी का सामना करना पड़ रहा है।