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गला दबाकर की गई थी मनोज की हत्या

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आजमगढ़। कप्तानगंज थाने के कांधूपट्टी गांव निवासी लापता युवक मनोज राजभर की गला दबाकर हत्या की गई थी। इसके बाद लाश को पानी में फेंक दिया गया। गुरुवार की शाम को पीएम रिपोर्ट आने पर इसका खुलासा हुआ। ऐसे में पुलिस दर्ज गुमशुदगी की रिपोर्ट को हत्या की धारा में तरमीम कर घटना का खुलासा करने के प्रयास में जुट गई है।
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बता दें कि मनोज राजभर (30) पुत्र प्रेमशंकर कप्तानगंज थाने के कांधूपट्टी गांव का निवासी था। वह 31 दिसंबर को घर से मुंबई जाने के लिए निकला था। उसके साथ तहबरपुर थाने के धनियाकुड़ी गांव निवासी दिनेश यादव और अशरफपुर गांव निवासी शंभू और भानू यादव भी निकले थे। ट्रेन न मिलने पर सभी वापस आ गए। यह चारो धनियाकुड़ी गांव निवासी दिनेश यादव के घर पहुंचे। जहां से देर रात को मनोज राजभर अपने घर के लिए निकला, लेकिन लापता हो गया। चार जनवरी को परिवार के लोग थाने में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई। आठ जनवरी को उसकी लाश धनियाकुड़ी गांव के पोखरे से बरामद हुई। परिवार के लोग हत्या का आरोप लगाया, हालांकि पुलिस पीएम रिपोर्ट के बाद ही कुछ कहने की बात कही। गुरुवार की शाम को मनोज की पीएम रिपोर्ट आने पर खुलासा हुआ कि उसकी गला दबाकर हत्या करने के बाद लाश को पानी में फेंका गया। सीओ बूढनपुर शीतला प्रसाद पांडेय ने बताया कि मनोज की मौत के संबंध में एक व्यक्ति को उठाया गया है। पूछताछ में उसने कबूल किया कि 31 दिसंबर की रात उसके दरवाजे के बाहर एक व्यक्ति खड़ा था। पूछने पर वह भागा और पोखरी में गिर गया। बाद में टार्च जलाकर खोजने पर उसका कोई पता नहीं चला। सीओ ने बताया कि पीएम रिपोर्ट के आधार पर दर्ज गुमशुदगी की रिपोर्ट को तरमीम कर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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