अपहरण और दुष्कर्म समेत गंभीर मामलों में वर्ष 2010 से फरार 25 हजार रुपये के इनामी आरोपी मोनू को तरवां पुलिस ने बुधवार को गिरफ्तार कर लिया।
गिरफ्तारी से बचने के लिए 17 वर्षों से अपना नाम और ठिकाना बदलकर रह रहा था। नवरसिया पुलिया के पास से पकड़े गए आरोपी के कब्जे से देशी तमंचा और एक कारतूस भी बरामद हुआ। उसके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है।
तरवां थाना प्रभारी राजीव कुमार सिंह ने बताया कि तरवां थाना क्षेत्र के एक व्यक्ति ने वर्ष 2009 में अपनी बेटी को बहला-फुसलाकर भगा ले जाने की शिकायत की थी। इस पर प्राथमिकी दर्ज की गई थी।
इसके बाद वादी की दूसरी बेटी को भी भगाकर ले जाने के मामले में अपहरण, दुष्कर्म और साजिश की धाराओं में प्राथमिकी दर्ज हुई। विवेचना में तरवां सरैया निवासी मोनू मिश्रा उर्फ बृजेश मिश्रा का नाम सामने आया। गिरफ्तारी से बचने पर आरोपी के खिलाफ वर्ष 2010 में गैंगस्टर एक्ट के तहत भी प्राथमिकी दर्ज की गई।
उसकी गिरफ्तारी के लिए 27 नवंबर 2022 को पुलिस अधीक्षक की ओर से 25 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया था। बुधवार को पुलिस टीम ने डुभाव गांव स्थित नवरसिया पुलिया के पास घेराबंदी कर मोनू मिश्रा उर्फ बृजेश मिश्रा को शाम करीब पांच बजे पकड़ लिया।