जिले की अति व्यस्त सड़कों में शामिल आसुत-मिर्जापुर-माहुल-बेलवाई मार्ग के चौड़ीकरण को शासन ने मंजूरी दे दी है। इसके तहत सड़क को मौजूदा 3.70 मीटर से बढ़ाकर सात मीटर चौड़ा किया जाएगा। निर्माण कार्य पर 12.75 करोड़ रुपये खर्च होंगे।
सड़क के चौड़ीकरण से चार जिलों के लोगों को आवागमन में राहत मिलेगी। लोक निर्माण विभाग ने निर्माण के लिए ई-टेंडरिंग की प्रक्रिया शुरू कर दी है। निर्माण कार्य पूरा करने के लिए एक वर्ष की समयसीमा निर्धारित की गई है। इसके बाद पांच वर्ष तक निर्माण इकाई सड़क का अनुरक्षण करेगी।
आसुत-मिर्जापुर-माहुल-बेलवाई मार्ग सुल्तानपुर, आंबेडकरनगर, जौनपुर और आजमगढ़ को आपस में जोड़ता है। इस मार्ग पर प्रतिदिन बड़ी संख्या में दोपहिया और चारपहिया वाहनों का आवागमन होता है। सड़क की चौड़ाई कम होने के कारण कई स्थानों पर वाहनों के आवागमन में परेशानी होती है।
चौड़ीकरण के बाद सड़क पर यातायात सुगम होने के साथ ही लोगों को जाम और आवागमन संबंधी दिक्कतों से राहत मिलने की उम्मीद है।
माहुल से पवई तक हो चुका है चौड़ीकरण
आसुत-मिर्जापुर-माहुल-बेलवाई मार्ग के कुछ हिस्सों में पहले ही चौड़ीकरण का कार्य कराया जा चुका है। माहुल से पवई तक सड़क चौड़ी की जा चुकी है। इसके अलावा भदुली से निजामाबाद, मिर्जापुर से माहुल और पवई से कलान तक के हिस्सों में भी चौड़ीकरण का कार्य कराया जाना है। इन हिस्सों में काम पूरा होने से मार्ग की कनेक्टिविटी और बेहतर होगी। इससे स्थानीय लोगों के साथ ही दूसरे जिलों से आने-जाने वाले यात्रियों को भी सुविधा मिलेगी।
एक साल में निर्माण, पांच वर्ष तक रखरखाव
लोक निर्माण विभाग के आजमगढ़ वृत्त के अधीक्षण अभियंता महावीर सिंह ने बताया कि आसुत-मिर्जापुर-माहुल-बेलवाई मार्ग के चौड़ीकरण के लिए प्रत्याशा में ई-टेंडर जारी कर दिया गया है। निर्माण कार्य की अवधि एक वर्ष निर्धारित की गई है। निर्माण पूरा होने के बाद पांच वर्ष तक संबंधित निर्माण इकाई सड़क का अनुरक्षण करेगी। इससे सड़क की गुणवत्ता बनाए रखने और यात्रियों को बेहतर आवागमन सुविधा उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी।