आजमगढ़। अपर जिला मजिस्ट्रेट (प्रशासन) राहुल विश्वकर्मा ने बताया कि 23 अगस्त को एसटीएफ वाराणसी इकाई के निरीक्षक पुनीत परिहार एवं उनकी टीम जहानागंज थाना क्षेत्र में संगठित अपराध एवं पुरस्कार घोषित अपराधियों की तलाश के लिए मौजूद थे। एसटीएफ व अपराधी शंकर कन्नौजिया के बीच हुए मुठभेड़ में शंकर कन्नौजिया ढेर हो गया। उक्त मामले की मजिस्ट्रियल जांच शुरू की गई है। 23 अगसत को मुखबिर से सूचना प्राप्त हुई कि रौनापार थाना क्षेत्र के हाजीपुर निवासी आरोपी शंकर कन्नौजिया अपने साथियों और भारी असलहे के साथ किसी बड़ी वारदात की योजना बनाकर सिंहपुर के रास्ते चक्रपानपुर होते हुए शहर की ओर जा रहा है। एसटीएफ ने मुखबिर को साथ लेकर घेरेबंदी की।
सुबह करीब 3.55 बजे एक मोटरसाइकिल से दो व्यक्ति आते दिखे। रोकने का प्रयास करने पर वे बाइक को तेजी से भगाने लगे तथा पीछे बैठे शंकर कन्नौजिया ने पुलिस टीम पर फायरिंग शुरू कर दी। गोली निरीक्षक पुनीत परिहार की बुलेटप्रूफ जैकेट पर लगी, जबकि दो अन्य गोलियां विवेक सिंह व आरक्षी मनोज कुमार यादव के पास से होकर निकल गईं। पुलिस की जवाबी फायरिंग में शंकर कन्नौजिया घायल होकर गिर पड़ा। उसे पीजीआई चक्रपानपुर ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया। एसएसपी ने घटना की मजिस्ट्रियल जांच कराने का अनुरोध किया।
जिला मजिस्ट्रेट के आदेश पर अपर जिला मजिस्ट्रेट (प्रशासन) को जांच अधिकारी नामित किया गया है। जांच अधिकारी राहुल विश्वकर्मा ने बताया कि घटना के संबंध में यदि किसी व्यक्ति को कुछ कहना है या कोई साक्ष्य प्रस्तुत करना है, तो वह 29 अगस्त से छह सितंबर 2025 तक उनके न्यायालय व कार्यालय में उपस्थित होकर प्रस्तुत कर सकता है।