इस मामले की शिकायत के बाद जांच में एटीएस ने मामला सही पाया। इसके बाद मदरसा बोर्ड की रजिस्ट्रार अंजना सिरोही ने दारूल उलूम अहले सुन्नत मदरसा अशरफिया मिस्बाहुल उलूम की मान्यता नौ जनवरी को निलंबित कर दी। इसमें तैनात 80 शिक्षक-कर्मचारियों का अग्रिम आदेश तक वेतन रोक दिया गया है।
मान्यता निलंबित होने के बाद इससे पढ़ने वाले बच्चों का भविष्य अधर में हो गया है। तहतानिया यानी कक्षा एक से लेकर आठ तक 1821 और आलिया यानी कक्षा नौ से 12 तक कुल 857 छात्र मदरसे में तालीम ले रहे हैं। छात्रों की पढ़ाई और परीक्षा को लेकर जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी ने मदरसा बोर्ड को पत्र लिखकर मार्गदर्शन मांगा है।
बोर्ड परीक्षा के लिए पंजीकृत हैं इस मदरसे के 406 छात्र
मदरसा बोर्ड की परीक्षा में दारूल उलूम अहले सुन्नत मदरसा अशरफिया मिस्बाहुल उलूम आज तक परीक्षा केंद्र नहीं बना, जबकि इसमें हर वर्ष छात्रों की संख्या अच्छीखासी रहती है। इस बार ही आलिया सेक्शन में 867 छात्र हैं। इसमें से कक्षा 10 और 12 के 407 छात्र नौ फरवरी से शुरू होने वाली मदरसा बोर्ड की परीक्षा देंगे।
मदरसे में तालीम ले रहे छात्रों की संख्या अधिक है। मान्यता निलंबित होने के बाद इनके भविष्य को देखते हुए मदरसा बोर्ड को पत्र लिखकर मार्गदर्शन मांगा गया है। वहां से जो निर्देश होगा उसके अनुपालन में आगे की कार्रवाई की जाएगी। मदरसे में तैनात कर्मचारियों का वेतन रोक दिया गया है। मान्यता प्रत्याहरण के संबंध में ऊपर से अभी कुछ निर्देश नहीं आया है। - वर्षा अग्रवाल, जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी।