आजमगढ़। मुबारकपुर स्थित एक मदरसे की मान्यता के साथ ही अनुदान सूची में शामिल किए जाने में नियमों की अनदेेखी हुई है। इसकी शिकायत मदरसा प्रबंधक समिति के साधारण सभा के सदस्य मंजूरुल हसन ने 30 अक्टूबर को मंडलायुक्त से की थी। इस पर अपर आयुक्त प्रशासन ने बुधवार को एसडीएम सदर को शिकायत के आधार पर जांच कर आख्या देने का निर्देश दिया है।
शिकायतकर्ता का आरोप है कि मदरसा की मान्यता व अनुदान सूची में शामिल करने के लिए शासन ने नियम बना रखे है, जिसके अनुसार जिस भूमि पर मदरसा संचालित हो रहा है, वह भूमि मदरसा के नाम होनी चाहिए। लेकिन मदरसा को मान्यता देने व अनुदान सूची में शामिल किये जाने में जबरदस्त खेल किया गया है। कूटरचित दस्तावेज के आधार पर जहां मदरसा को अल्पसंख्यक विभाग ने मान्यता दे दी तो वहीं अनुदान सूची में भी शामिल किया गया है। मदरसा को 2001 में मान्यता मिली थी और 2015 में इसे अनुदान सूची में भी शामिल कर लिया गया लेकिन इस मदरसे के नाम से अब तक कोई जमीन नहीं है। मदरसा दूसरे के भवन में संचालित हो रहा है। इसी भवन के जमीन को मदरसे की जमीन कूटरचित अभिलेखों के आधार पर दिखा कर अनुदान सूची में शामिल किया गया है। 2015 से अब तक लगभग 3 करोड़ रुपये की धनराशि प्रबंध तंत्र आहरित किया है जो गलत है। शिकायतकर्ता के प्रार्थनापत्र पर अपर आयुक्त प्रशासन अनिल कुमार मिश्र ने एसडीएम सदर को जांच का निर्देश दिया है। अपर आयुक्त प्रशासन ने एसडीएम को दिखे पत्र में इस प्रकरण को अति गंभीर बताते हुए स्वयं जांच कर आख्या देने को कहा है।