आजमगढ़ की 108 वर्षीय दुलारी देवी। इन्होंने दे कोरोना को मात।
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आजमगढ़। अपने आखिरकार अपने होते हैं। यदि अपनों का साथ मिल जाए तो इंसान बड़ी से बड़ी मुश्किल भरी राह को भी हंसते हुए पार कर जाता है। ऐसा ही एक मामला बुधवार को मेडिकल कालेज में देखने को मिला। जहां 108 वर्षीय वृद्ध महिला ने अपनों की हिम्मत व चिकित्सकों की मेहनत से कोरोना से जंग जीत ली। वृद्धा अब पूरी तरह स्वस्थ है और अपने परिवार के साथ घर चली गई। हालांकि दोबारा कोरोना संक्रमित न हों इसके लिए चिकित्सकों ने बेहतर सलाह दी।
राजकीय मेडिकल कालेज चक्रपानपुर के कोरोना वार्ड के नोडल प्रभारी डा. नियाज हसन ने बताया कि बलिया की रहने वाली दुलारी देवी (108) को खांसी-जुकाम और बुखार होने पर उन्होंने कोरोना की जांच कराई थी। उनकी जांच रिपोर्ट कोरोना पॉजीटिव आई। तबीयत बिगड़ने पर उन्हें 31 अगस्त को मेडिकल कालेज में भर्ती कराया गया। वहीं परिवार और चिकित्सक उनका हौसला अफजाई करते रहें। चिकित्सकों की कड़ी मेहनत के बाद वृद्घ महिला की रिपोर्ट नौ सितंबर को नेगेटिव पाई गई। देर शाम को वह अपने घर लौट गई। वृद्घ महिला का कहना था कि वह कोरोना से जंग केवल चिकित्सक व अपने परिवार के कारण जीत सकी हैं, जिन्होंने हर पल पर उनका ख्याल रखा। वहीं उप प्राचार्य डा. राजेश कुमार व डा. दीपक पांडेय ने वृद्घ महिला को वार्ड से निकने पर स्वागत किया।