आजमगढ़। कोरोना संक्रमित विभिन्न प्रदेशों के तीन जमातियों के ठीक होने के बाद उन्हें मेडिकल कालेज से छुट्टी दे दी गई है। फिलहाल उनको रानी की सराय के कोटिला स्थित आजमगढ़ पब्लिक स्कूल में बने शेल्टर होम में रखा गया है। कोरोना से मुक्त होने के बाद तीनों से बातचीत में लगा जैसे उन्होंने कोई जंग जीत ली हो। फिलहाल तीनों किसी तरीके से अपने घर परिवार के बीच पहुंचना चाह रहे हैं।
खान-पान का रखा पूरा ख्याल
रानी की सराय। सूबे के गाजियाबाद जनपद के निवासी मो. मोजम्मिल ने बताया कि मेडिकल कालेज में उनका काफी ख्याल रखा गया। कोरोना पाजिटिव होने के बाद उन पर एक मानसिक दबाव बन गया था, निगेटिव साबित होने के बाद अब वो अच्छा महसूस कर रहे हैं। अस्पताल में तीन वक्त अच्छा और पौष्टिक खाना दिया जाता था। दवा का भी पूरा ख्याल रखा जाता था। अब घर की याद आ रही है। किसी तरीके से व्यवस्था बने तो घर पहुंचे।
अस्पताल में बहुत सेवा की
रानी की सराय। हैदराबाद के निजामाबाद निवासी सैयद अतीकुर्रहमान ने कहा अस्पताल में हमारी खूब सेवा की गई। वो स्वास्थ्य कर्मियों की तारीफ करते नहीं थक रहे हैं। कहा कि अस्पताल में अच्छी फैसेलिटी, उचित देखभाल, खाना और सोने की सुविधा दी गई। कोरोना से मुख्त होने के बाद अब काफी अच्छा महसूस कर रहा हूं। किसी तरीके से घर जाना चाहता हूं।
खाने और दवा का रखा खास ख्याल
रानी की सराय। आंध्र प्रदेश के ईस्ट गोदावरी निवासी अब्दुर्र रउफ ने कहा कि मेडिकल कालेज में खाने और दवा पर विशेष ध्यान दिया गया। तीन वक्त दवा दी जाती थी। एक दवा सुबह में खाली पेट खानी होती थी। इसके बाद दोपहर और रात को। खाना में बी सुबह नास्ते में अंडा, बिस्किट, चाय तो दोपहर और रात के खान में चावल, रोटी, दाल, सब्जी मिलती थी। अब मैं ठीक हूं। काफी अच्छा लग रहा है।