आजमगढ़। उत्तर प्रदेशीय मिनिस्टीरियल कलेक्टेट कर्मचारी संघ अपनी 24 सूत्रीय मांगों का निस्तारण नहीं किए जाने के विरोध में बुधवार को कलेक्ट्रेट के कार्यालय में तालाबंदी कर धरना प्रदर्शन किया। इस दौरान तहसील के भी कर्मचारी शामिल रहे। कलेक्टे्रट परिसर में कृपानरायन की अध्यक्षता और मंडलीय अध्यक्ष संतोष कुमार के संचालन में सुबह 10 से दो बजे तक धरना दिया गया।
वक्ताओं ने कलेक्ट्रेट का नाम कार्यालय जिलाधिकारी के स्थान पर मिनी जनपद सचिवालय रखे जाने, कलेक्ट्रेट लिपिक संवर्ग के कर्मचारियो को नायब तहसीलदार के 10 प्रतिशत पदों पर प्रोन्नति प्रदान किए जाने, कलेक्ट्रेट कर्मचारियों का वेतन पुनरीक्षण और संशोधन संबंधि शासनादेश 31मई 2013 और उत्तर प्रदेश सरकार विभाग लिपिक संवर्ग सेवा नियमावली2014 द्वारा प्रोन्नति की प्रक्रिया में पोषक पद पर निर्धारित अवधि की सेवा पूर्ण करने की बाध्यता समाप्त कर विभागीय सेवा नियमावली उत्तर प्रदेश जिला कलेक्ट्रेट लिपिक वर्ग सेवा (द्वितीय संशोधन) नियमावली 2011 के अनुसार प्रोन्नति किए जाने और पदोन्नति पद रिक्त होने की तिथि से अनुमन्य किए जाने, कलेक्ट्रेट मिनिस्ट्रीयल संवर्ग को राजस्व सेवा घोषित कर कनिष्ठ सहायक का पदनाम परिवर्तित कर कंप्यूटर सहायक, वेतन बैंड-2 और ग्रेड पे-2800, वरिष्ठ सहायक वेतन बैंड-2 और ग्रेड पे 4200, प्रधान सहायक वेतन बैंड-2 ग्रेड पे 4800, प्रशासनिक अधिकारी वेतन बैंड-3 ग्रेड पे- 5400 और विरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी वेतन बैंड-3 ग्रेड पे-6600 और मुख्य प्रशासनिक अधिकारी वेतन बैंड-3 ग्रेड पे- 7600 अनुमन्य किए जाने की मांग किए जाने के साथ 24 सूत्रीय मांगों का निस्तारण किए जाने की मांग की गई। धरने में प्रांतीय संगठन मंत्री रमाकांत सिंह, संतोष यादव, अतुल कुमार, विनोद कुमार, ओम प्रकाश दुबे, जय प्रकाश सिंह, विश्वनाथ प्रसाद, श्रवण श्रीवास्तव, जगदंबा श्रीवास्तव, अरुण सिंह, अखिलेश देव, रमाशंकर प्रसाद, कमलाकांत, सुजीत कु मार भगत, अरविंद मौर्या, राजीव रतन सिंह, राजकुमार यादव आदि उपस्थित रहे।
स्टेनों बने पेशकार, चली डीएम की कोर्ट
आमजगढ़। कलक्ट्रेट के कर्मचारी मांगों को लेकर सुबह से ही तालाबंदी कर हड़ताल पर थे। इसमें विभिन्न प्रशासनिक न्यायालयों के पेशकार भी शामिल थे। हड़ताल के बावजूद कोर्ट डे होने पर जिलाधिकारी एनपी सिंह कोर्ट में जा बैठे। उनके स्टेनो ने पेशकार की कुर्सी संभाल ली। कोर्ट में फरियादियों की सुनवाई की गई।