आजमगढ़। महाराजा सुहेलदेव विश्वविद्यालय के सेमिनार हॉल में सोमवार को बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ जागरूकता अभियान के अंतिम चरण में पुरस्कार वितरण एवं कार्यक्रम समापन समारोह का आयोजन किया गया। मुख्य अतिथि संगीता तिवारी ने कहा कि बेटियां दो कुल को शिक्षित करती हैं। उन्होंने लोगों से अपील की कि आप लोग अपनी बेटियों को निरंतर शिक्षित करते रहिए। छोटी बच्चियों को गुड टच और बैड टच की शिक्षा दें और उन्हें अन्याय से लड़ने के लिए प्रेरित करें, ताकि वे अपने लिए खुद आवाज उठा सकें और सशक्त बन सके। बेटियों के घर में होने से घर की रौनक दोगुनी हो जाती है।
कार्यक्रम की अध्यक्षता कुलपति प्रो. संजीव कुमार और मुख्य अतिथि राज्य महिला आयोग की पूर्व सदस्य संगीता तिवारी रहीं। इसके बाद बेटियों ने सरस्वती वंदना और विश्वविद्यालय के कुलगीत के साथ कार्यक्रम का आगाज किया। विश्वविद्यालय के मीडिया प्रभारी डॉ. प्रवेश कुमार सिंह ने बताया कि यह कार्यक्रम विगत एक सप्ताह से संयोजक डॉ. सपना त्रिपाठी के नेतृत्व में 11 प्राध्यापकों के सहयोग से गांव गिरावं चट्टी चौराहे पर पहुंचकर न सिर्फ जागरूक किया गया। कुलपति प्रो. संजीव कुमार ने कहा कि आजमगढ़ के कई कॉलेजों में छात्राओं की संख्या छात्रों से ज्यादा है। देश की उन्नति के लिए बेटों से ज्यादा बेटियों का शिक्षित होना जरूरी है। किसी भी व्यक्ति के जीवन में उसके मां के दिए हुए संस्कार बहुत महत्वपूर्ण होते हैं। सभागार में मौजूद लोगों से कुलपति ने बेटा बेटी एक समान की विचारधारा को बढ़ावा देने का आग्रह किया।
इस दौरान जहानागंज विकासखंड के 12 गांवों से चार विद्यालयों की प्रतिभाशाली 60 छात्राओं को 5 श्रेणी की प्रतियोगिता भाषण, कविता, गायन, रंगोली, मेहंदी और पेंटिंग में प्रथम, द्वितीय और तृतीय पुरस्कार एवं प्रमाणपत्र देकर सम्मानित किया गया। इन्हीं विद्यालयों से आई शिक्षिकाओं और शिक्षको को भी पुरस्कार एवं प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया।
इस मौके पर शिक्षक डॉ. परमानंद पांडेय, डॉ. हरेंद्र प्रजापति, डॉ. रेनू तिवारी, डॉ. शिवेंद्र कुमार सिंह, डॉ. सपना त्रिपाठी, डॉ. राजेश्वरी पांडेय, डॉ. संतोष चौरसिया, डॉ. योगेश कुमार त्रिपाठी, डॉ. कुलदीप यादव, सौरभ सिंह, नितेश सिंह आदि उपस्थित थे। कार्यक्रम का संचालन विश्वविद्यालय की बेटियां रुचि सिंह और अंजली मिश्रा ने किया।