आजमगढ़। बिजली निगम में लाइनमैन जान जोखिम में डालकर काम कर रहे हैं। कार्यरत लाइनमैनों के पास सुरक्षा टूल किट नहीं है। इससे उन्हें खंभों और मशीनों पर काम करने के दौरान खतरा बना रहता है।
जिले में छह विद्युत वितरण खंड हैं। इनमें विभिन्न भार के 6.90 लाख उपभोक्ता हैं। फाल्ट आदि दुरूस्त कर उपभोक्ताओं तक बिजली आपूर्ति करने की जिम्मेदारी लाइनमैनों की होती है। जनपद में 450 लाइनमैन कार्यरत हैं। हर मौसम में वे सीढ़ियां लेकर खंभों पर चढ़कर विद्युत फाल्ट सुधारने में लगे रहते हैं और लोगों को बिजली आपूर्ति मुहैया कराने में अहम भूमिका निभाते हैं।
वहीं, बिजली निगम द्वारा संविदा कर्मियों से काम लेने से पूर्व टेंडर में ठेकेदार से पूर्ण टूल किट के साथ सभी सुरक्षा मुहैया कराने की शर्त रखी जाती है। सभी लाइनमैनों को प्लास, ग्लव्स, हैंडकैप, सेफ्टी वेल्ट, जूता, हेलमेट समेत तमाम सुरक्षा के लिए टूल किट देने का नियम है।
लेकिन जिले में काम कर रहे लाइनमैनों के पास टूल किट उपलब्ध नहीं है। उन्हें जो सुरक्षा किट पहले दी गई थी, वह खराब हो गई है। ऐसे में उन्हें बिना सुरक्षा उपकरणों के खंभे पर चढ़कर लाइन के फॉल्ट को सुधारना पड़ रहा है।
इससे हमेशा जान का जोखिम बना रहता है। टूल किट के अभाव में अक्सर किसी न किसी लाइनमैन को चोट आती है। कभी कभी तो इन्हें जान भी गंवानी पड़ती हैं। इसके बाद भी विभाग और ठेकेदार कर्मचारियों की सुरक्षा के लिए गंभीर नहीं हैं।