आजमगढ़। आसमान से आग बरस रही है और बिजली रानी धोखा दे रही है। जिसके चलते आम जन जीवन बेहाल हो गया है। शहर से लेकर ग्रामीणांचल तक बिजली की व्यवस्था चौपट होकर रह गई है। सरकार 24 घंटे बिजली देने का दावा कर रहा है लेकिन लोकल फॉल्ट के नाम पर बिजली रानी कब आएंगी और कब चली जाएंगी किसी को कुछ पता नहीं है। बिजली से संचालित होने वाले सारे काम प्रभावित होकर रह गए है। शहर में 15 से 18 घंटा तो देहात में 12 से 14 घंटे ही बिजली मिल रही है।
इन दिनों भीषण गर्मी पड़ रही है। पारा 42-43 डिग्री के पार है। आसमान से आग बरस रही है और ऐसे में बिजली का न होना लोगों के लिए परेशानी का सबब बन गया है। शासन स्तर से जारी शेड्यूल की बात की जाए तो मंडल मुख्यालय पर 24 घंटे तो वहीं ग्रामीणांचल में 18 से 20 घंटे बिजली आपूर्ति निर्धारित है। जिला स्तर पर विभाग के जिम्मेदार भी इसी शेड्यूल के अनुरूप बिजली की आपूर्ति किए जाने का दावा कर रहा है लेकिन वास्तव में ऐसा है नहीं शहर में 15 से 18 घंटे तो वहीं ग्रामीणांचल में 12 से 14 घंटे ही बिजली की सप्लाई हो रही है। सबसे बड़ी बात तो यह है कि रात के वक्त लोकल फॉल्ट आदि के नाम पर कटौती की जा रही है। अघोषित कटौती चरम पर है और विभाग इसे मानने को तैयार नहीं है। जब भी कहीं बिजली कटी होने का कारण पूछा जाता है तो विभाग से एक ही सूचना मिलती है कि फाल्ट के चलते लाइन कटी हुई है। फाल्ट ठीक करने के नाम पर शहर में दो से तीन घंटे तो ग्रामीणांचल में आठ से दस घंटे तक की कटौती की जा रही है।
जर्जर तारों ने भी बढ़ा दी है लोगों की परेशानी
आजमगढ़। सपा सरकार के दौरान शहर में चौबीस घंटे बिजली की सप्लाई के लिए अंडरग्राउंड व्यवस्था की शुरूआत हुई थी। करोड़ो का यह प्रोजेक्ट पूरी तरह से ध्वस्त हो चुका है। शहर की सड़कों किनारे डाले गए तार बेकार हो चुके है और एक बार फिर बिजली विभाग ओवरहेड व्यवस्था के तहत ही बिजली की सप्लाई कर रहा है। इक्का-दुक्का क्षेत्रों को छोड़ दिया जाए तो कहीं भी अब अंडरग्राउंड व्यवस्था के तहत बिजली की सप्लाई नहीं हो रही है। खंभों पर एक बार फिर तारो का जंजाल नजर आने लगा है तो वहीं फाल्ट व जर्जर तार एक बार फिर आम जनता के लिए परेशानी का सबब बन कर रह गए है।
बूढ़नपुर तहसील क्षेत्र में भी बुरा हाल
बूढ़नपुर। तहसील क्षेत्र में बिजली व्यवस्था पूरी तरह से ध्वस्त हो चुकी है। बिजली की अघोषित काटौती से आम जन बेहाल है। पूरी-पूरी रात बिजली गायब होने से लोगों की नींद नहीं पूरी हो पा रही है तो वहीं दिन में आसमान से बरस रही आग के चलते लोग सो नहीं पा रहे है। तहसील क्षेत्र के रानीपुर मेन, एक्सटेंशन, देऊरपुर, बनकट जगदीश, कोयलसा, ईश्वरपुर पवनी समेत पूरे तहसील क्षेत्र में बिजली व्यवस्था का बुरा हाल देखने को मिल रहा है। लोगों का कहना है कि शिकायत के लिए फोन करने पर जिम्मेदार जहां फोन नहीं उठाते है तो वहीं उठा लेने पर लोकल फाल्ट बता कर जिम्मेदारी की इतिश्री कर ली जाती है।
नहीं निर्धारित है कोई शेड्यूल
रानी की सराय। स्थानीय कस्बा समेत आसपास के क्षेत्रों में भी बिजली का कोई शेड्यूल नहीं देखने को मिल रहा है। कब लाइट आएगी और कब चली जाएगी यह कोई बताने वाला नहीं है। कस्बा में रानी की सराय उपकेंद्र से बिजली की सप्लाई की जाती है। इससे 100 से अधिक गांव जुड़े हुए है। दिन भर जहां बिजली रानी आंख मिचौली खेलती है तो रात में तो मात्र एक से दो घंटे ही आपूर्ति हो रही है। भीषण गर्मी से लोग बेहाल है और बिजली विभाग के जिम्मेदार लोकल फाल्ट का बहना बना कर मूकदर्शक बन जा रहे है।
विद्युत वितरण खंड प्रथम के एक्सईएन अरविंद कुमार सिंह ने बताया कि जिले स्तर पर कोई कटौती नहीं की जा रही है। शासन से जो शेड्यूल निर्धारित है उसके आधार पर ही सप्लाई की जा रही है। जो कटौती हो रही है वह ट्रांसमिशन से ही की जा रही है। डिमांड ज्यादा बढ़ जाने पर ट्रांसमिशन से ही रोस्टिंग हो रही है। फिर भी पूरा प्रयास है कि कम से कम कटौती हो। मुख्यालय रोस्टिंग से मुक्त है, ग्रामीणांचल में कुछ समस्या जरूर है। जिसे जल्द दुरूस्त कराने की कवायद चल रही है।