आजमगढ़। विकास भवन में 1992 में लगी लिफ्ट महज चार साल में ही खराब हो गई। 28 वर्ष तक इसे बदलने की या बनवाने की किसी ने सुध नहीं ली। अब सीडीओ परीक्षित खटाना ने नई लिफ्ट लगाने का प्रस्ताव भेजा है।
नगर नगरपालिका क्षेत्र के विकास भवन में जिले के विकास की योजनाओं का खाका खींचा जाता है। 12 विभागों के आला अधिकारी यहां बैठ कर कामकाज निपटाते हैं। निर्माण के बाद चार साल चलने के बाद पांच मंजिला भवन में लगी लिफ्ट कभी चली ही नहीं। अब पुरानी लिफ्ट के स्थान पर नई लिफ्ट का शासन को प्रस्ताव भेजा गया है। जनपद में 32 वर्ष पहले 1992 में नगर पालिका क्षेत्र में विकास भवन का निर्माण किया गया। जिस समय यह भवन बना उस समय जिले में इतनी ऊंची शायद ही कोई बिल्डिंग रही हो। पांच मंजिला भवन में ऊपर की मंजिलों पर जाने के लिए कार्यदाई संस्था की ओर से लिफ्ट लगवाई गई। चार साल तो यह लिफ्ट खूब चली। इससे लोगों को ऊपर की मंजिलों तक जाने में सहूलियत होती थी। लेकिन, चार साल बाद ही यह लिफ्ट एक बार खराब होने के कारण बंद हुई तो दोबारा नहीं बनी। लिफ्ट बंद होने के बाद किसी भी अधिकारी ने सुधि नहीं ली। यह लिफ्ट उसी तरह से बंद रही है। 28 साल बाद सीडीओ परीक्षित खटाना की पहल पर अब इसके स्थान पर नई लिफ्ट लगाने की कवायद शुरू हुई है।
कोट
विकास भवन में खराब पड़ी लिफ्ट के स्थान पर दूसरी नई लिफ्ट लगाने का प्रस्ताव तैयार कर शासन को भेजा गया है। शासन से धन की मंजूरी मिलते ही नई लिफ्ट लगाई जाएगी।
संजय सिंह, जिला विकास अधिकारी।