भीषण गर्मी के बीच डायरिया का प्रकोप भी तेजी से बढ़ने लगा है। बृहस्पतिवार को मंडलीय जिला अस्पताल के बाल रोग विशेषज्ञ की ओपीडी में 55 मरीज डिहाइड्रेशन (शरीर में पानी की कमी) से लेकर उल्टी, पेट दर्द, डायरिया की परेशानी लेकर पहुंचे।
इसमें से 45 बच्चे डायरिया से प्रभावित मिले। वहीं, आठ बच्चों की स्थिति को देखकर उन्हें भर्ती कर लिया गया। बढ़ती गर्मी से मरीजों को होने वाली समस्या को देखते हुए चिकित्सक लोगों को गर्मी में बचने की सलाह भी दे रहे हैं।
जिले में कड़ी धूप के बीच बढ़ी गर्मी लोगों को बेहाल कर रही है। इसका असर लोगों के स्वास्थ्य पर सीधा पड़ रहा है। गर्मी के कारण अस्पताल में उल्टी, दस्त, पेट दर्द व बुखार के मरीजों की संख्या बढ़ी है। बृहस्पतिवार को मंडलीय जिला अस्पताल में मरीजों की भीड़ रही।
पर्चा, दवा कांउटर, ओपीडी, लैब में मरीजों की कतार दिखाई पड़ी। बाल रोग विशेषज्ञ की ओपीडी में पहुंंचे 55 मरीजों में 45 मरीज पेट दर्द, उल्टी व दस्त के रहे। वहीं, आठ बच्चों में डायरिया का प्रभाव अधिक होने के कारण उन्हें भर्ती किया गया। जबकि पूर्व में उल्टी, दस्त व पेट दर्द के मरीजों की संख्या 10 से 15 के अंदर ही रहती थी।
बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. एसके विमल ने कहा कि गर्मी के मौसम में बच्चों पर विशेष ध्यान देना चाहिए। बढ़ती गर्मी से उल्टी, दस्त के साथ पेट दर्द के रोगी बच्चों की संख्या बढ़ी है। बच्चों को हर आधे घंटे में पानी पिलाएं। दोपहर 12 बजे से शाम चार बजे तक घर से बाहर न जाने दें।
पानी वाले फल का सेवन कराएं। बाहर की चीजों को न खिलाएं। बच्चों को ज्यादा परेशानी होने पर डॉक्टर की सलाह जरूर लें। डॉ. एसके विमल ने बताया कि दो दिनों से तापमान में वृद्धि हुई है। इसी के कारण डायरिया के मरीजों की संख्या बढ़ी है।