जिले में एप आधारित कैब, परिवहन और डिलीवरी सेवाओं के संचालन के नियम अब सख्त होने जा रहे हैं। नई व्यवस्था के तहत एग्रीगेटर और वितरण सेवा प्रदाताओं को सेवाएं शुरू करने से पहले लाइसेंस लेना अनिवार्य होगा।
इसके साथ ही कंपनियों को अपने प्लेटफॉर्म से जुड़े चालकों और वाहनों से संबंधित जरूरी दस्तावेजों का रिकॉर्ड रखना होगा। एआरटीओ प्रवर्तन अतुल कुमार यादव ने बताया कि कंपनियों को चालकों का आधार और पुलिस सत्यापन कराना होगा।
चालक के आवश्यक दस्तावेजों का रिकॉर्ड भी सुरक्षित रखना अनिवार्य होगा। सड़क सुरक्षा और यातायात नियमों के पालन के लिए चालकों को प्रशिक्षण देने की व्यवस्था भी करनी होगी। यात्रियों की सुरक्षा और शिकायतों के निस्तारण के लिए प्रत्येक कंपनी को शिकायत निवारण अधिकारी नियुक्त करना होगा।
एप पर यात्रा से संबंधित जरूरी जानकारी, कंपनी का संपर्क विवरण, बीमा सुरक्षा और आपातकालीन सहायता की व्यवस्था उपलब्ध करानी होगी।
नई व्यवस्था में एप आधारित सेवाओं में इस्तेमाल होने वाले वाहनों की फिटनेस, बीमा, प्रदूषण प्रमाणपत्र समेत अन्य वैधानिक दस्तावेजों की नियमित जांच का भी प्रावधान किया गया है। निर्धारित मानकों का उल्लंघन करने वाली कंपनियों और संबंधित वाहनों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।