संवेदनशील गांवों की पहचान
पंचायत चुनाव को देखते हुए पुलिस ने जिले के संवेदनशील और अति संवेदनशील गांवों की पहचान भी शुरू कर दी है। अब तक प्रधानी चुनाव के दौरान जिन गांवों में मारपीट की घटनाएं हुईं थीं। उन गांवों को संवेदनशील और अतिसंवेदनशील के रूप में चिह्नित किया जा रहा है। इसके अलावा जातीय सियासत और सामाजिक तनाव की आशंका को देखते हुए गांवों की संवेदनशीलता तैयार की जा रही है।
घर-घर पहुंच रही पुलिस टीमें
शस्त्र लाइसेंस सत्यापन के तहत पुलिस टीमें लाइसेंसधारकों के घर-घर जाकर जांच कर रही हैं। इस दौरान शस्त्र के साथ लाइसेंसधारक की फोटो भी ली जा रही है, ताकि रिकॉर्ड को अद्यतन किया जा सके और किसी भी तरह की अनियमितता पर तत्काल कार्रवाई की जा सके।
त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराना पुलिस की सर्वोच्च प्राथमिकता है। असामाजिक तत्वों, आपराधिक प्रवृत्ति के लोगों और नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। अब अपराधिक मामले दर्ज मिलने पर 63 शस्त्र धारियों के लाइसेंस निलंबित किए जा चुके हैं। अभी सत्यापन चल रहा है और कई लाइसेंस निलंबित हो सकते हैं। - डॉ. अनिल कुमार, एसपी।