परिषदीय विद्यालयों में शिक्षा को अधिक रोचक, आधुनिक और प्रभावी बनाने के लिए नई पहल शुरू की जा रही है। इसके तहत कक्षा छह से आठ तक के विद्यार्थियों को प्रत्येक पाठ के दौरान कम से कम 10 मिनट डिजिटल माध्यम से शिक्षण दिया जाएगा।
शिक्षण प्रक्रिया में वीडियो, ई-सामग्री, प्रश्नोत्तरी और अन्य तकनीकी संसाधनों का उपयोग किया जाएगा, जिससे विद्यार्थियों की विषयों के प्रति रुचि और समझ दोनों में वृद्धि हो सके। इस नई व्यवस्था से जिले के लगभग ढाई लाख विद्यार्थियों को लाभ मिलने की उम्मीद है।
बेसिक शिक्षा अधिकारी राजीव कुमार पाठक ने बताया कि डिजिटल माध्यम से पढ़ाई होने पर कठिन विषयों और अवधारणाओं को समझना आसान होगा, जिससे बच्चों की सीखने की गुणवत्ता में सुधार आएगा। उन्होंने कहा कि चित्रों, वीडियो और अन्य डिजिटल संसाधनों के माध्यम से विषयवस्तु को अधिक प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया जा सकेगा। दृश्य आधारित शिक्षण से विद्यार्थियों की समझ, सहभागिता और विषयों के प्रति रुचि बढ़ेगी, जिससे कक्षा शिक्षण अधिक प्रभावशाली और परिणामोन्मुख बनेगा।