दीवानी कचहरी के बाहर अपनी मागों को लेकर प्रदर्शन करते अधिवक्ता।
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आजमगढ़। जिले में ग्रामीण अदालत का गठन किए जाने के विरोध में शुक्रवार को नौवें दिन भी अधिवक्ताओं ने संघ के सभागार में बैठक कर न्यायिक कार्य के बहिषकार का निर्णय लिया। साथ ही चर्च चौराहे पर लगभग आधा घंटा मार्ग अवरुद्ध कर विरोध प्रदर्शन किया।
इस दौरान अधिवक्ताओं ने उत्तर प्रदेश शासन और सचिव न्याय विभाग को चेतावनी दी कि यदि अव्यवहारिक प्रस्ताव को वापस नहीं लिया गया तो अधिवक्ता अपना आंदोलन और तेज करने के लिए बाध्य होगा। दीवानी न्यायालय अभिभाषक संघ की बैठक रामप्यारे सिंह एडवोकेट की अध्यक्षता में हुई। इसमें अधिवक्ताओं ने इसे अव्यवहारिक करार देते हुए कहा कि इससे वादकारियों का आर्थिक, मानसिक और शारीरिक क्षति होगी। साथ ही न्याय स्थानीय दबंगों दबाव के चलते लोगों को सही न्याय नहीं मिल पाएगा। इस मुद्दे पर संघ के पदाधिकारी जनपद के निकटवर्ती जिले मऊ, जौनपुर, बलिया, गाजीपुर, अंबेडकर नगर के अधिवक्ता संघों से संपर्क स्थापित किया और अपनी जारी लड़ाई में सहभागिता निभाने के लिए सहयोग की अपील की।
इस मुद्दे पर शनिवार 20 फरवरी को संघ के सभागार में विभिन्न जनपद से आए अधिवक्ता संगठनों के पदाधिकारियों के साथ बैठक निर्धारित की गई है। जिसमें अधिवक्ता अपने आंदोलन की भावी रणनीति तैयार करेंगे। बैठक का संचालन संघ के मंत्री देवनारायण शुक्ल ने किया।