लाल बिहारी 'मृतक' प्रकरण में शहर कोतवाली दर्ज मुकदमे में उनके चचेरे भाइयों का नाम खोलने पर आपत्ति जताई गई है। चचेरे भाई बाबूराम और परिराम ने बयान जारी किया है कि लाल बिहारी से उनका कोई लेना देना नहीं है। अधिकारी जानबूझ कर हमें मुल्जिम बनाकर हमारा उत्पीड़न कर रहे हैं। हमें गिरफ्तार कर जेल भेजने की योजना है।
पतिराम और हाहूराम पुत्र स्व रामधारी ने निवासी खलीलाबाद ने कहा है कि हम लाल बिहारी के खेत को बंटाई पर बोते हैं। लाल बिहारी के हर्जा-खर्चा मांगने से हमे कोई लेनादेना नहीं है। गांव के कुछ यादव वर्ग चकबंदी और तहसील के अधिकारियों से मिलकर मकान और सहन पर फर्जी नाम दर्ज करा दिया है।
इसका मुकदमा चल रहा है। हमारी जमीन को भी अधिकारियों ने लाल बिहारी के नाम करा दिया। इसे पुन: अपने नाम दर्ज कराया गया है। हमारे घर पुलिस आ रही है। मुकदमे में नाम खोल दिया गया है। अधिकारी और कर्मचारी अपने बचने के लिए गायब फाइल की फर्जी बरामदगी दिखाकर हमें जेल भेजना चाहते हैं।
वहीं, इस संबंध में एसडीएम सदर प्रशांत कुमार और सीओ सिटी सच्चिदानंद ने बताया कि पुलिस की ओर से लाल विहारी के प्रकरण में विवेचना की जा रही है। विवेचना में नाम आने पर उनका नाम खोला गया है। जांच के अनुसार कार्रवाई की जाएगी।