सठियांव। भरपूर मात्रा में गन्ना उपलब्ध न होने से दि किसान सहकारी चीनी मिल सठियांव अपनी पूरी क्षमता से गन्ना पेराई नहीं कर सका। ऐसे में काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इसका मुख्य कारण गन्ना पर्चियों में आ रही गड़बड़ियों को बताया जा रहा है।
मिल को चालू हुए करीब एक पखवाड़ा बीत चुका है। बावजूद इसके आज तक पूरी क्षमता के साथ नहीं चल रहा। अभी भी 28300 क्विंटल गन्ने की क्रशिंग हो रही है। जबकि गन्ना क्रशिंग की पूरी क्षमता 35000 क्विंटल की है। विभाग की लापरवाही व किसानों की अन्यभिज्ञता के कारण चीनी मिल सठियांव में अब तक कुल 2343 पर्चियां हायल (निर्धारित तिथि समाप्त ) हो चुकी है। जो पर्चियां हायल हो गई हैं उनमें करीब एक लाख क्विंटल गन्ना होता। वहीं विभाग का कहना है कि हायल के पीछे कई कारण है, मैसेज की जानकारी, गन्ने की छिलाई व ढुलाई आदि है। पिछले वर्ष हायल पर्चियां 72 घंटे में पुन: चालू हो जाती थी।मिल के डायरेक्टर व गन्ना किसान राम अवध व सुरेंद्र सिंह की पर्ची अपरिहार्य कारणों से पांच दिसंबर को हायल हो गई और उसका क्या हुआ पता नहीं है। विभाग वाले आजकल का हवाला दे रहे हैं। कम क्रशिंग के चलते 15 मेगावाट की टरबाइन 12 मेगावाट (क्षमता) से चल रही है। जिसके कारण बिजली कम बन रहीं है,7 जो फैक्ट्री के नुकसान का एक कारण है। मुख्य गन्ना अधिकारी डा. विनय प्रताप सिंह ने बताया कि इस वर्ष एक सप्ताह से दस दिन लगेगा।