आजमगढ़। अंतरराष्ट्रीय मजदूर दिवस पर बृहस्पतिवार को शहर में विभिन्न संगठनों द्वारा कहीं गोष्ठी तो कहीं धरने का आयोजन किया गया। इस दौरान कारपोरेट के लिए खत्म हो रहे लेबर कानून, काम के घंटे बढ़ाने का विरोध किया गया।
भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के नगर इकाई के तत्वावधान में मजदूर विचार गोष्ठी का आयोजन सच्चिदानंद राय एडवोकेट के दीवानी स्थित कक्ष में किया गया। संचालन नगर मंत्री अनिल राय ने किया।
उन्होंने कहा कि मजदूर दिवस पर दुनिया के मजदूरों को पूंजीवाद से राहत मिली और काम के आठ घंटे तय हुए। इस संघर्ष में बहुत से मजदूर संघर्षशील नेताओं को सरेआम फांसी दी गई। तब जाकर यह आजादी के उपलब्धि के रूप मिल सकी है। मगर आज मजदूरों के अधिकारों को कुचला और छीना जा रहा है। काम के घंटे 12 निर्धारित कर दिये गये, तमाम लेबर कानून को कारर्पोरेट के हक में समाप्त किया जा रहा है। इस मौके पर अशोक राय, अमित राय, रमाकांत आदि मौजूद थे।
संयुक्त मज़दूर संगठन के तत्वाधान में मजदूर सभा व जुलूस प्रदर्शन का आयोजन किया गया। इसमें कई संगठनों ने भाग लिया। छात्रों, नौजवानों, मजदूरों, किसानों ने मुख्यालय पर जुलूस निकाला।
शोषण के खिलाफ मजूदरों को एकजुट रहने का सभी ने आह्वान किया। इसके बाद किसान मजूदरों की समस्याओं से संबेधित ज्ञापन डीएम के माध्यम से राष्ट्रपति को भेजा।
शहर के तकिया चकला में असंगठित बीड़ी मजदूर कल्याण समिति कार्यालय पर विचार गोष्ठी का आयोजन हुआ। इसमें मजदूरों ने अपने हक और अधिकार की मांग उठाई। वक्ताओं ने मजदूरों की वर्तमान स्थिति पर चिंता जताई और सरकार से इस दिशा में कदम उठाने की मांग किया ताकि मजदूर आर्थिक रूप से मजबूत हो सकें। इस मौकेे पर अजय सिंह, कैलाश प्रसाद गोंड, जुल्फेकार बेग, मुन्नू यादव आदि मौजूद थे।
अंत में मजदूरों की समस्याओं से जुड़े 15 बुनियादी मांगों का मांग पत्र डीएम के माध्यम से राष्ट्रपति को ज्ञापन भेजा गया। सत्यदेव पाल ने संगठन के अभाव में विभिन्न क्षेत्रों के असंगठित मजदूरों की कोई भी आवाज सरकार तक नहीं पहुंच पाती है। एकता न होने से आये दिन उनका शोषण-उत्पीड़न होता रहता है।
इस मौके पर सूबेदार यादव, रामनयन यादव, रामकुमार, रामाश्रय यादव, राहुल विद्यार्थी आदि मौजूद थे। वहीं, बीएसएनएल इम्प्लाईज यूनियन, बैंक बीमा, पोस्ट आफिस की ट्रेड यूनियनों द्वारा सीडाट परिसर में अंतर्राष्ट्रीय मजदूर दिवस मनाया गया।