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Azamgarh News: लैब में उपकरण फांक रहे धूल, 10 सालों से एलटी की तैनाती नहीं

सार

आजमगढ़ के बरदह सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर दस वर्षों से लैब टेक्नीशियन नहीं है। इसके कारण 20 गांवों के मरीजों को ब्लड जांच के लिए निजी सेंटरों पर जाना पड़ता है। repeated मांगों के बावजूद अब तक नियुक्ति नहीं हुई।
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05 सीएचसी बरदह के ब्लड जांच केंद्र में बंद ताला। संवाद
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विस्तार
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आजमगढ़। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बरदह से जुड़े करीब 20 गांवों के लोगों को सीएचसी पर ब्लड जांच की सुविधा नहीं मिल पा रही है। 10 सालों से यहां लैब टेक्नीशियन की तैनाती नहीं होने से मरीजों को निजी पैथालॉजी सेंटर जाना पड़ रहा है। सीएचसी बरदह से खराट, बकेश, कुड़ीहर, हदीसा दयालपुर, भीरा, भूलनडीह, सहनूडीह, गोड़हरा, चौकी, उदियावां, छतरपुर सहित 20 से अधिक गांव जुड़े हुए हैं। इन गांवों की लगभग 50 हजार की आबादी इसी स्वास्थ्य केंद्र पर अपना इलाज कराने आती है। सीएचसी पर एक महिला डॉक्टर समेत कुल पांच डॉक्टर और एक एक्सरे टेक्नीशियन की तैनाती है। प्रतिदिन यहां पर 100 से 120 मरीज आते हैं।
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मरीजों को परामर्श, दवा और एक्सरे जैसी सुविधा तो मिल जा रही है लेकिन ब्लड जांच की सुविधा नहीं मिल पाती है। करीब दस सालों से यहां पर लैब टेक्नीशियन नहीं हैं। 2021 में एक एलटी की तैनाती हुई लेकिन वह दो माह बाद ही यहां से चले गए। कोई एलटी न होने के कारण लैब में हमेशा ताला बंद रहता है। वर्षों से सारे उपकरण धूल फांक रहे हैं। लोगों को ब्लड जांच कराने के लिए निजी पैथालॉजी सेंटरों या 10 से 15 किमी दूर ठेकमा, लालगंज या मार्टीनगंज स्वास्थ्य केंद्र पर जाना पड़ता है।
सीएचसी में लैब टेक्नीशियन के लिए कई बार पत्र भेजा गया लेकिन अभी तक किसी की तैनाती नहीं हुई। अगर यहां लैब टेक्नीशियन की व्यवस्था हो जाती तो मरीजों को राहत मिलती और जांच के लिए निजी सेंटरों पर नहीं जाना पड़ता। - डॉ. सोमेश रंजन मिश्रा, सीएचसी अधीक्षक बरदह।
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