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कोतवाली का गेट व डीएम के फ्लीट की गाड़ी हुई क्षतिग्रस्त

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आजमगढ़। मास्क को लेकर हुए हंगामें में शहर कोतवाली का गेट तो क्षतिग्रस्त हुआ ही तो वहीं जिलाधिकारी की फ्लीट में चलने वाली गाड़ी भी टूट गई है। वहीं शहर कोतवाली में तैनात एक सिपाही भी सिर पर किसी भारी चीज से चोट लगने से घायल हो गया। शाम साढ़े पांच बजे तक शहर कोतवाली परिसर व्यापारियों के कब्जे में रहा। हंगामा व प्रदर्शन होता रहा और आलाधिकारी मान मनौवल के साथ ही समझौता कराने के प्रयास में जुटे रहे।
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एसडीएम व सीओ की कवायद पर आक्रोशित हुए व्यापारी संभवत: पहली बार इतनी मजबूती के साथ एकजुट हुए थे। शहर कोतवाली का सुबह साढ़े ग्यारह बजे से शुरू हुआ घेराव शाम साढ़े पांच बजे लाठी चार्ज के बाद ही समाप्त हुआ। इस दौरान शहर कोतवाली का मुख्य गेट जहां टूट गया तो वहीं जिलाधिकारी के फ्लीट में शामिल वाहन को भी नुकसान पहुंचा है। एक सिपाही भी चोटिल हो गया। व्यापारियों की एकजुटता का नतीजा रहा कि एसपी सिटी व एडीएम प्रशासन के नेतृत्व में शुरू हुआ समझौते का प्रयास असफल रहा और स्वयं एसपी को भी शहर कोतवाली पहुंचना पड़ा।
एसपी ने तो एक बारगी व्यापारियों से सीओ व एसडीएम के कवायद के लिए माफी तक मांग ली। लेकिन व्यापारी दोनों अधिकारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज किए जाने की मांग पर अड़े रहे। तीन बजे के लगभग जिलाधिकारी राजेश कुमार भी शहर कोतवाली पहुंच गए और एक बार फिर नए सिरे से समझौते का प्रयास शुरू हुआ लेकिन व्यापारियों की एकजुटा के आगे पुलिस को लिखित तहरीर लेनी पड़ी और कार्रवाई का आश्वासन देना पड़ा।
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अधिकारियों की नासमझी बना कारण
आजमगढ़। अधिकारियों के रौब व नासमझी के चलते ही मंगलवार को पूरा दिन शहर हंगामें में फंसा रहा। एक तरफ कोरोना का संक्रमण जहां बढ़ रहा है तो वहीं मास्क व सोशल डिस्टेंसिंग की अनदेखी पूर जिले में हो रही है। मंगलवार को महकमे ने अच्छा प्रयास शुरू किया और लोगों को समझाने की कवायद शुरू किया कि मास्क का प्रयोग करे और सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करें। यह सार्थक पहल थोड़ी सी नासमझी व पद के रौब के चलते शहर के माहौल को हंगामेदार कर दिया। जहां व्यापारी व अधिकारी के बीच विवाद हुआ वहां व्यापारी की पिटाई के बजाए चालान आदि काटने की कार्रवाई कर दी जाती तो संभवत: ऐसा कुछ हुआ ही नहीं होता।
मुख्य चौक पर बंद रही ज्यादातर दुकानें
आजमगढ़। अधिकारी-व्यापारी के बीच हुए विवाद के बाद शहर के मुख्य चौक क्षेत्र की ज्यादातर दुकानें बंद हो गई और व्यापारी शहर कोतवाली पहुंच कर धरना प्रदर्शन व कोतवाली के घेराव में शामिल हो गए। शहर कोतवाली में व्यापारियों की एकजुटता देखने लायक थी। कम से कम पांच सौ की संख्या में व्यापारी शहर कोतवाली में जुटे थे। व्यापारियों के भी संगठन तो कई है लेकिन मंगलवार को सभी पूरी तरह से एकजुट नजर आए और मुखर होकर एसडीएम व सीओ के खिलाफ कार्रवाई की मांग करते रहे।
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