कोटेदारों के लिए बड़ी खबर है। अब पासपोर्ट से लेकर फास्टैग तक बनाने की सेवा कोटेदार दे सकेंगे। खाद्य एवं रसद विभाग ने उचित दर विक्रेताओं की आर्थिक स्थिति को मजबूत करने के लिए यह निर्णय लिया है। विभाग का कहना है कि ई-पास मशीन के माध्यम से उचित दर दुकानों को जनसेवा केंद्रों के रूप में विकसित किया जाएगा।
आदेश के तहत पीएम कल्याण से जुड़ी समस्त योजनाएं, शैक्षणिक योजनाएं, टूर एंड ट्रैवल्स, उपयोगिता बिल भुगतान सेवाएं, स्वास्थ्य देखभाल से जुड़ी सेवाएं, कौशल विकास, केंद्रीय सेवाएं, स्थानीय ई-कॉमर्स से जुड़ी सेवाएं व वित्तीय समावेशन से जुड़ी समस्त सेवाएं अब कोटेदार अधिकृत रूप से दे सकेंगे। इसके लिए कोटेदारों को जिला मुख्यालयों पर प्रशिक्षित भी किया जाएगा। हालांकि पूर्वांचल के कुछ जिलों में इसे पायलट प्रोजेक्ट के तहत शुरू भी कर दिया गया है। जिससे लोगों को राहत मिलेगी। डीएसओ सुनील कुमार पुष्कर ने बताया कि कोटेदारों को काफी पहले आदेश था कि वह जनसेवा केंद्र से जुड़े कार्य अपने यहां कर सकते हैं लेकिन उनके पास इंटरनेट की सुविधा नहीं है। यह व्यवस्था लागू करने से पहले सभी कोटेदारों के यहां वाईफाई की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। उम्मीद है कि जल्द ही इसे शासन लागू करेगा।