बरसात के मौसम जगह नालों के चोक होने और जलजमाव होने के कारण आम जनमानस को परेशानी का सामना करना पड़ता है। आजमगढ़ नगरपालिका में इस बार नालों की सफाई कोलकाता की कंपनी से कराई जाएगी। सफाई ऐसी होगी कि अगले दो-तीन साल कर जलभराव की दिक्कत नहीं आएगी।
यही नहीं सफाई कार्य का भुगतान भी जनसहयोग से किया जाएगा। इसके लिए चिकित्सकों और व्यापारी वर्ग का सहयोग लिया जाएगा। जिलाधिकारी ने इस बारे में प्रभारी ईओ को कार्ययोजना बनाने के निर्देश दिए हैं। जून माह के पहले सप्ताह में सफाई कराई जाएगी।
आजमगढ़ नगरपालिका क्षेत्र में छह से सात बड़े नाले हैं जिनके सहारे पूरे शहर का पानी तमसा में प्रवाहित होता है। इन नालों से जुड़े 10 से 12 लिंक नाले हैं जिनके सहारे लोगों के घरों का पानी इन बड़े नालों में पहुंचता है। बरसात के मौसम में कोमल कॉलोनी, डीएवी मैदान, गांधी तिराहा, एसकेपी इंटर कॉलेज बदरका ईदगाह ऐसी जगहें हैं जहां हल्की बारिश के बाद ही लोगों को जल-जमाव की समस्या से दो-चार होना पड़ता है।
इसे देखते हुए जिलाधिकारी शिवाकांत द्विवेदी ने जनसहयोग से नालों की सफाई का निर्णय लिया है। इसके लिए पश्चिम बंगाल की कंपनी से मजदूर मंगाए जाएंगे जो नालों की सफाई करेंगे। कंपनी को चिकित्सकों और व्यापारी वर्ग के सहयोग से भुगतान किया जाएगा। डीएम ने नगरपालिका के अधिशासी अधिकारी को नालों की साफ-सफाई के लिए कार्ययोजना बनाने का निर्देश दिया है।
नगर के एसकेपी इंटर कालेज, गांधी तिराहा और बदरका ईदगाह के पास बरसात के मौसम में जल-जमाव की समस्या वर्षों पुरानी है। जिसके कारण इस मार्ग से गुजरने वाले लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। लेकिन जल्द ही इन तीनों स्थानों पर लोगों को जल-जमाव से मुक्ति मिल जाएगी। क्योंकि इन तीनों जगहों के लिए नगरपालिका की ओर से टेंडर करा लिया गया है। जल्द ही निर्माण शुरू हो जाएगा। महावीर प्रसाद, जेई पालिका
इस बार नालों की सफाई का कार्य जनसहयोग से कराया जाएगा। इसके लिए नगरपालिका के अधिशासी अधिकारी को कार्ययोजना बनाने का निर्देश दे दिया गया है। सफाई के लिए पश्चिम बंगाल से मजदूरों को कंपनी के जरिए बुलाया जाएगा। एक जून से नालों की सफाई का कार्य हर हाल में शुरू हो जाएगा।
शिवाकांत द्विवेदी, जिलाधिकारी।