कलेक्ट्रेट पर अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन करते किसान सभा के कार्यकर्ता।
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आजमगढ़। केंद्र सरकार पर किसान विरोधी आरोप लगाते हुए उत्तर प्रदेश किसान सभा ने बृहस्पतिवार को राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन कलक्ट्रेट में सौंपा गया। सभा के पदाधिकारियों ने प्रदेश अध्यक्ष इम्तियाज बेग के नेतृत्व में सरकार विरोधी नारे लगाकर प्रदर्शन किया।
इम्तियाज बेग ने कहा कि केंद्र की वर्तमान कार्यशैली से आमजन में आक्रोश है। किसानों और निचले तबके के दिन संवारने का दावा करने वाली केंद्र सरकार की मनमानी से गरीब, किसान, बेरोजगार, व्यापारी, मध्यम वर्ग कराह रहा है। तीन नए किसान विरोधी कानून को हठधर्मिता के साथ पारित कर किसानों वर्ग पर मनमानी थोपकर कारपोरेट जगत को लाभ पहुंचाने का काम किया है। इसे कभी बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। सात सूत्री मांगों में किसान विरोधी कानून को वापस लेने, गन्ना का मूल्य 450 रुपया कुंतल किय जाने व बकाये का भुगतान करने, बिजली कानून वापस लेने, बढ़ती महंगाई और भ्रष्टाचार पर अविलंब रोक लगाने, दलहन, तिलहन व सब्जियों का भी लाभकारी मूल्य घोषित करने व घोषित मूल्य पर ही खरीद सुनिश्चित करते हुए दस प्रतिशत से ज्यादा उपभोक्ता से मूल्य न लेने की मांग की गई है। रामचंदर यादव, खरपत्तू राजभर, गुलाब मौर्य, सुरेश गुप्त, गुलाब मौर्य, जीयालाल, हीरालाल, अशोक राय एडवोकेट, शहनवाज बेग, रामखलन राजभर सहित आदि मौजूद रहे।