सगड़ी तहसील पर अपनी मागों को लेकर प्रदर्शन करते राष्ट्रीय किसान मोर्चा के कार्यकर्ता।
- फोटो : AZAMGARH
आजमगढ़। केंद्र सरकार की ओर से लाए जा रहे अध्यादेश के खिलाफ कॉरपोरेट भगाओ किसान बचाओ का नारा बुलंद करते हुए उत्तर प्रदेश किसान सभा भी विरोध में उतर गई। प्रदेश अध्यक्ष इम्तेयाज बेग के नेतृत्व में सोमवार को राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन डीएम को सौंपा। राष्ट्रपति से सरकार के कार्य में हस्तक्षेप कर सरकार के किसान व जनविरोधी कानून को अमल में लाने से रोके जाने की मांग उठाई।
जिलाध्यक्ष कमला राय ने कहा कि वर्तमान में केंद्र सरकार की कार्यशैली और मंशा मात्र पूंजीपतियों को लाभ पहुंचाने की हो रही है। इसी रवैये के कारण देश को आगामी दिनों में बड़ी कीमत चुकानी होगी। केंद्र सरकार ने बीते पांच जून 2020 को तीन अध्यादेश और बिजली संशोधन कानून लाकर अपने निर्णय को जनता पर थोपने का काम किया है। इसी को लेकर अखिल भारतीय किसान संघर्ष समन्वयक समिति कॉरपोरेट भगाओ किसान बचाओ का नारा देते हुए सरकार द्वार लाए गए पांच अध्यादेशों का हम पुरजोर विरोध कर रहे हैं। किसानों के गन्ने का दाम 450 रुपया प्रति कुंतल किया जाए, ताकि गन्ना किसान बड़ी संख्या में लाभांवित हो। गेहूं और धान का समर्थन मूल्य 25 सौ रूपया प्रति कुंतल किया जाए। इस मौके पर विश्राम चौहान, रामाज्ञा यादव, सुरेन्द्र यादव, रामनेत यादव, रतन यादव, सहनवाज बेग, गुलाब मौर्या, कमला राय, रामाश्रय आदि मौजूद रहे।
स्वराज इंडिया ने भी जताया आक्रोश
आजमगढ़। सरकार की ओर से किसानों के खिलाफ तीन अध्यादेश लाकर उनकी दुर्दशा में और वृद्धि कर दी गई है। किसानों की जमीन छीनकर कारपोरेट घरानों को देने में आसानी हो जाएगी। बिजली के दाम मनमाने रूप से बढ़ाने का अधिकार मिल जाएगा। इसके विरोध में स्वराज इंडिया के सदस्यों ने प्रदर्शन कर अपना विरोध जताया। उन्होंने कहा कि सरकार देश में हर चीजों का निजीकरण कर उद्योगपतियों को लाभ पहुंचाने का काम कर रही है। त्रिलोकी यादव, धर्मेंद्र यादव, शिवजनम यादव, जितेंद्र प्रभावत सहित कई लोगों ने भाग लिया।