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शवों को जलाने से परिजन भी खड़े कर रहे हाथ

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आजमगढ़। कोरोना संक्रमण का खौफ सामाजिक ताने-बाने को तार-तार कर रहा है। कहीं प्रवासियों के वापस आने पर गांव से निकालने की धमकी दी जा रही है तो कहीं मौत होने पर लोग दाह संस्कार करने से भी परहेज कर रहे हैं। जनपद में ऐसे कई मामले में सामने आ चुके हैं। शुक्रवार को जिला अस्पताल में एक कोरोना संदिग्ध मरीज की मौत हो गई। उसकी रिपोर्ट अभी नहीं आई है। वहीं परिवार के लोग शव का अंतिम संस्कार करने से पीछे हटने लगे। शहर कोतवाल ने सभी को कोतवाली बुलाया और उन्हें समझा बुझाकर अंतिम संस्कार के लिए राजी किया।
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जनपद में प्रवासी श्रमिकों के आने के बाद कोरोना संक्रमितों के आंकड़ों में तेजी से बढ़ोत्तरी हो रही है। जनपद में भी अब तक कोरोना के 31 पाजिटिव मरीज सामने आ चुके हैं। इसें से एक की मौत हो चुकी है। अतरौलिया के एक संदिग्ध की मौत शुक्रवार को हुई। हालांकि अभी तक उसकी रिपोर्ट नहीं आई है। उसकी मौत के बाद कोरोना प्रोटोकॉल के अनुसार उसका दाह संस्कार राजघाट के पास कराना था। मृतक के परिजनों ने उसका अंतिम संस्कार करने से इंकार कर दिया। नगर कोतवाल केके गुप्ता ने उसके परिजनों को बुलाकर समझाया तब जाकर वह लोग उसके अंतिम संस्कार को तैयार हुए। उधर, अहरौला के एक गांव में भी कोरोना संदिग्ध की मौत होने पर कुछ लोगों राजभर बस्ती के लोगों को गांव से बाहर निकालने की धमकी दी थी। सरायमीर में तो कोरोना संदिग्ध कहकर चिढ़ाने पर दो पक्षों में संघर्ष तक हो गया था।
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