देवगांव कोतवाली क्षेत्र के एक गांव निवासी अपहृत हुई बालिका की चौथे दिन सोमवार की सुबह घर से थोड़े दूर अरहर के खेत में फेंकी हुई लाश मिलने से सनसनी फैल गई।
उसके पेट के नीचे का भाग जंगली जानवर और कुत्ते खा गए थे। जबकि चेहरा सलामत था। बकरी चरा रहे गांव के एक लड़के ने शव मिलने की सूचना परिवारवालों को दी।
सूचना पर सीओ लालगंज और देवगांव कोतवाली पुलिस संग मौके पर पहुंचे। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पुलिस की मानें तो बलात्कार के बाद हत्या किए जाने से इंकार नहीं किया जा सकता।
मालूम हो कि गांव निवासी एक व्यक्ति की नौ वर्षीय पुत्री होली के दिन शाम करीब पांच बजे घर के पास खेलते समय अचानक गायब हो गई थी।
देर शाम तक उसका पता न चलने पर घर वाले उसकी खोजबीन में जुटे थे। बाद में देवगांव कोतवाली में उन्होंने तहरीर दी। परिवार के लोगों ने पड़ोस के दो किशोरों पर बालिका को गायब करने का आरोप लगाया था।
इनमें से एक पुलिस की हिरासत में है, जबकि दूसरा फरार है। सूचना देने के बाद भी पुलिस ने जब सक्रिय नहीं हुई तो घटना के तीसरे दिन रविवार सुबह ग्रामीणों ने सीओ लालगंज का घेराव किया। बाद में वह सीओ के आश्वासन पर शांत होकर घर वापस लौट गए।
सोमवार की सुबह गांव का एक किशोर सिवान में बकरी चरा रहा था कि उसे अरहर के खेत में कुत्तों का झुंड दिखा। उत्सुकतावश जब वह उक्त स्थान पर पहुंचा तो बालिका की लाश देख उल्टे पांव भागता हुआ उसके परिवार के लोगों को सूचना दी।
लाश मिलने की सूचना पर घर में रोना पीटना मच गया बालिका के कान, नाक और गले में पड़े आभूषण मौजूद थे। कक्षा तीन की छात्रा बालिका दो बहन और एक भाई में सबसे बड़ी थी।
कोतवाली देवगांव के कार्यवाहक प्रभारी केएम सिंह ने बताया कि मामला प्रथम दृष्टया बलात्कार के बाद हत्या कर शव फेंके जाने का लग रहा है। पीएम रिपोर्ट आने पर ही कारणों का पता चल सकेगा।
बताया कि घर वालों की तहरीर पर गांव के दो किशोरों के विरुद्ध रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है। एक आरोपी पुलिस की हिरासत में है, जबकि दूसरा फरार है। पुलिस उसकी तलाश में जुटी है।