जेएनयू छात्रसंघ अध्यक्ष कन्हैया कुमार की रिहाई सहित अन्य मांगों के समर्थन में गुरुवार को रिक्शा स्टैंड पर भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी, भारत की कम्युनिस्ट पार्टी मार्क्सवादी, भाकपा माले, लोक जनवादी मंच, वोल्शेवेक पार्टी और प्रगतिशील जनवादी संगठनों के कार्यकर्ताओं ने धरना दिया। वामपंथी दलों ने जेएनयू छात्रसंघ बचाओ, कन्हैया कुमार को रिहा करो, लोकतांत्रिक संस्थाओं पर हमले रोको आदि नारे लगाए।
धरने को संबोधित करते हुए भाकपा राज्य परिषद के सदस्य रामहर्ष यादव ने कहा कि जबसे केंद्र में भाजपा की सरकार आई है, ेदेश में सांप्रदायिक घटनाओं में वृद्धि हुई है। शांति-सद्भाव को काफी नुकसान पहुंचा है। उत्तर प्रदेश किसान सभा के इम्तेयाज बेग ने कहा कि केंद्र सरकार हर मोर्चे पर असफल है।
किसान आत्महत्या कर रहे हैं और सरकार चुप बैठकर तमाशा देख रही है। भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के जिला मंत्री श्रीकांत सिंह ने कहा कि केंद्र सरकार सांप्रदायिकता के आधार पर देश को बांटना चाहती है। सरकार के रवैये से देश में शांति एवं सुरक्षा तो प्रभावित हुई है तथा लोकतांत्रिक संस्थाओं पर हमले तेज हुए।
छात्रनेता को बिना शर्त रिहा किया जाए। माकपा जिलामंत्री जियालाल, बी राम और कन्हैया यादव ने कन्हैया कुमार को देशद्रोह में गिरफ्तार किए जाने की निंदा की। अध्यक्षता कर रहे भाकपा (माले) के जिला प्रभारी जयप्रकाश नारायण ने कहा कि कोर्ट में वकीलों द्वारा कन्हैया की पिटाई की जितनी निंदा की जाए कम है।
पुलिस और अधिकारी भाजपाई नेता की तरह बयान दे रहे हैं। पूरे देश में अराजकता पैदा कर लोकतांत्रिक संस्थाओं को ध्वस्त करते हुए सत्ता के संरक्षण में अपराधी, हत्यारी और उन्मादी टोलियां नंगा नाच कर रही हैं। संचालन भाकपा के वेद प्रकाश उपाध्याय ने किया। धरने में डा. रविंद्रनाथ राय, रामजनम यादव, रामदवर, रामराज, कन्हैया यादव आदि रहे।