आजमगढ़। बेतरतीब खानपान, जंक फूड, शराब और गतिहीन जीवनशैली के कारण लीवर संबंधी बीमारियां तेजी से बढ़ रही हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि खाना ही दवा है और सही आहार अपनाकर लिवर की आधी समस्याओं से बचा जा सकता है। हर 10 में से तीन से चार मरीज फैटी लिवर से पीड़ित होकर पहुंच रहे हैं।
मंडलीय जिला चिकित्सालय के फिजिशियन डॉ. अतुल श्रीवास्तव ने बताया कि इस समय हमारी ओपीडी में प्रतिदिन 55 से 60 मरीज आते हैं। इनमें से हर 10 मरीज में तीन से चार मरीज फैटी लिवर से पीड़ित होकर आते हैं।
इनमें 30 से कम उम्र के लोग जंक फूड का सेवन करने से इससे ग्रसित होते हैं। जबकि 30 से ऊपर आयु वर्ग के लोग जंकफूड, अल्कोहल या फिर नॉनवेज के सेवन से इससे ग्रसित हो रहे हैं। खराब खानपान, प्रोसेस्ड फूड और शराब के कारण लिवर को होने वाले नुकसान को सही जीवनशैली और पोषणयुक्त आहार से ठीक किया जा सकता है।
ताजे फल, हरी सब्जियां, साबुत अनाज और प्रोटीन युक्त डाइट लिवर को स्वस्थ रखने में मदद करती है। उन्होंने कहा कि मरीजों में साफ-सुथरा आहार शुरू करने पर लिवर एंजाइम का स्तर सुधरता है, जिसके लंबे समय में सकारात्मक परिणाम मिलते हैं।