कर्बला के लुटे हुए काफिले की याद में गुरुवार को शिवली गांव में कदीम जुलूसे अमारी प्रात: पांच बजे निकाली गई। जुलूस में शामिल अंजुमनों ने नौहा, मातम कर कर्बला के शहीदों को खिराजे अकीदत पेश किया।
मौलाना हसन अब्बास ने मजलिस को खिताब करते हुए कहा कि चौदह सौ साल बाद भी आज हम इमाम हुसैन का बड़ी ही अकीदत के साथ गम मना रहे है।
इनके वसूलों पर चलना हम सभी का फर्ज है। मौलाना एजाज हुसैन ने भी तकरीर किया। तकरीर के बाद हजरत अब्बास का अलम, दुलदुल और अमारी का जुलूस निजामाबाद-आजमगढ़ मार्ग से होता हुआ शाम पांच बजे सैयद गफूर के इमाम बारगाह में जाकर समाप्त हुआ।
इस दौरान उलेमा के कर्बला के शहीदों का बयान किए जाने पर लोगों की आंखे छलक आई। जुलूस में अंजुमन सज्जादिया, अंजुमन, अंजुमन गुजारे मेहदी,अंजुमन अंसारे हुसैनी कदीम, अंसारे हुसैनी मुबारकपुर आदि शामिल थी। जुलूस मे बड़ी संख्या में महिलाएं और पुरुष शामिल थे।
जुलूस की सुरक्षा के लिए पुलिस के कड़े इंतजाम किए गए थे। कार्यक्रम के आयोजक अब्बास ब्रदर्स, अमीर हैदर, शमीम हैदर, जुल्फेकार हैदर
आदि रहे।