मालटारी संवाददाता के अनुसार, सगड़ी तहसील क्षेत्र के बाबा पाताल नाथ मंदिर रामगढ़ ब्रह्मौली ध्यान में चल रहे 11 दिवसीय रूद्र महायज्ञ के लिए रविवार को गाजे-बाजे के साथ धूम-धाम से कलश यात्रा निकाली गई।
जिसमें 101 कन्याएं कलश लेकर चल रही थी। कलश यात्रा अजुवां, बनकटा चौक होते हुए भैंसाड़ पुल के पास छोटी सरयू नदी के तट पर पहुंची।
जहां वाराणसी से पधारे यज्ञाचार्य डा. हीरामणि त्रिपाठी, रामकिशोर त्रिपाठी, प्रदुम्न नारायण त्रिपाठी ने विधि-विधान से कलशों में पानी भरा। यात्रा की अगुवाई मंदिर के पुजारी संत अमरनाथ गिरि ने की।
मंदिर के पुजारी संत अमरनाथ गिरि ने बताया कि प्रतिदिन अपराह्न 12 बजे से शाम चार बजे तक रात्रि आठ से 12 बजे तक प्रयाग से पधारे पं. विनोद जी महराज, वाराणसी के अच्युतानंद, बक्सर बिहार के दीनानाथ उपाध्याय, बरगड के डा.0 दिनेश त्रिपाठी और प्रतापगढ़ के राजेश शुक्ला प्रवचन करेंगे।
18 फरवरी को पूर्णाहुति एवं भंडारा होगा। बिंद्राबाजार संवाददाता के अनुसर, क्षेत्र के रानीपुर रजमों स्थित अगवानी माई के स्थान पर महामृत्युंजय महायज्ञ की शुरुआत हुई।
सुबह पूजन-अर्चन के बाद गाजे-बाजे के साथ कलश यात्रा निकाली गई। कलश यात्रा में श्रीश्री 1008 रामदास, अध्यक्ष रुपनरायन उपाध्याय, सुखराम सिंह, विपिन सिंह थे।
पवई संवाददाता के अनुसार, विकास खंड पवई के छज्जोपुर गांव स्थित डीह बाबा के स्थान पर छह दिवसीय विष्णु महायज्ञ का शुभारंभ रविवार को कलश यात्रा के साथ हुआ।
कलश यात्रा यज्ञ स्थल से निकलकर सुम्माडीह स्थित शिवमंदिर पहुंची।