आजमगढ़। जनपद में पड़ रही कड़ाके की ठंड ने हर किसी को परेशान कर रखा है। ठंड के बीच बढ़ते कोरोना संक्रमण ने लोगों की परेशानी को और बढ़ा दिया है। ठंड के कारण बहुत से लोग घरों से निकलना भी गवारा नहीं समझ नहीं रहे हैं। जनपद में 10 जनवरी से अब तक पारे की स्थिति देखें तो 17 जनवरी को न्यूनतम पारा सात डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था। विगत दो दिनों से यह आठ डिग्री सेल्सियस बना हुआ है। मौसम विज्ञानियों के मुताबिक ठंड का सितम जारी रहेगा।
जनपद में विगत तीन सालों में न्यूनतम पारा 19 जनवरी को कभी भी आठ डिग्री सेल्सियस पर नहीं आया। अक्सर कहा जाता है कि मकर संक्रांति के बाद ठंड खत्म होने लगती है। लेकिन इस बार मकर संक्रांति के बाद ही ठंड ने अपना असर दिखाना शुरू किया है। जनपद के तापमान पर गौर करें तो 14 जनवरी से लगातार मौसम का न्यूनतम पारा 10 डिग्री से नीचे बना हुआ है। कई दिन होने के कारण अब यह कड़ाके की ठंड लोगों को परेशान करने लगी है। ठंड के कारण लोगों का घरों से निकलना दूभर हो गया है। सुबह कोहरे के बाद बुधवार को धूप निकली लेकिन यह धूप शरीर को गर्मी पहुंचाने में नाकाफी साबित हुई। क्योंकि पछुआ हवाओं के कारण गलन काफी अधिक थी। लोग पूरे शरीर को ढ़ककर आवागमन करने को विवश हुए। शाम होते ही गलन और बढ़ गई जिसके कारण लोग घरों में दुबक गए। बहुत से लोग अलाव के सहारे शरीर को गर्म करने में जुटे रहे। बुधवार को अधिकतम तापमान 16 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान आठ डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। प्रभारी राज्य कृषि विज्ञान केंद्र आईएमडी अतुल कुमार सिंह के मुताबिक 19 जनवरी की सुबह आजमगढ़ के लालगंज का न्यूनतम तापमान लगभग 8.7 डिग्री सेल्सियस था लेकिन राहत नहीं मिली। अधिकतम तापमान घटने से ठंड का एहसास गहरा हो गया था। यह स्थिति आने वाले दिनों में भी जारी रहेगी।
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जनपद का विगत 10 दिनों का तापमान
दिनांक अधिकतम न्यूनतम
10 जनवरी 21 14
13
12 जनवरी 22 14
13 जनवर त्री 20 11
14 जनवरी 22 09
15 जनवरी 20 08
16 जनवरी 20 08
17 जनवरी 18 07
18 जनवरी 16 08
19 जनवरी 16 08