आजमगढ़। कोरोना को लेकर जनता कर्फ्यू का असर पूरे जिले में दिखाई दिया। ऐसी बंदी लोगों ने शायद पहले कभी नहीं देखी थी। लोग घरों में कैद रहे और पुलिस व स्वास्थ्य महकमे की गाड़ियां ही सड़कों पर नजर आ रही थी। इक्का-दुक्का आम जनता जिसे कोई जरूरी काम था वही अपने साधनों से सड़क पर नजर आ रहा था। डीएम-एसपी के साथ ही अन्य आलाधिकारी भी दिन भर शहर व ग्रामीणांचलों का चक्रमण कर माहौल पर नजर रखे हुए थे।
शहर का सबसे भीड़भाड़ वाला क्षेत्र मुख्य चौक पूरी तरह से बंद था। पुलिस के कुछ जवानों के अलावा कुछ भी नजर नहीं आ रहा था। दुकानें पूरी तरह से शटडाउन थी। शहर कोतवाली पुलिस के कुछ सिपाही व होमगार्ड के जवान जरूर चौराहे पर स्थित पिकेट पर मौजूद थे। चौक से पुरानी कोतवाली, मातबरगंज, पुरानी सब्जीमंडी व कालीनगंज मार्ग पर पूरी तरह से सन्नाटा पसरा हुआ था। पुरानी कोतवाली से तकिया होते हुए पहाड़पुर तक की स्थिति भी लॉक डाउन वाली ही नजर आई। तकिया तिराहे पर सुबह के वक्त जरूर सड़क पर कुछ लोग आये, जिन्हें पुलिस के जवानों ने घर भेज दिया। इस क्षेत्र में गलियों पर भी लोग इधर-उधर बैठे हुए थे, जो पुलिस के जवानों के पहुंचने पर घरों में दुबक गए। पहाड़पुर से हर्रा की चुंगी तक भी बंदी का व्यापक असर रहा। शहर का कोई भी इलाका ऐसा नहीं था जहां जनता कर्फ्यू का असर देखने को नहीं मिला हो। कोरोना को लेकर पीएम मोदी के आह्वान के साथ ही लोग अपनी स्वेच्छा से भी इस वैश्विक समस्या से निजात को लेकर घरों के अंदर पैक रहना मुनासिब समझा।
मंदिर, मस्जिद, चर्च और गुरुद्वारे भी रहे बंद
आजमगढ़। जनता कर्फ्यू के समर्थन में सभी प्रमुख धार्मिक स्थलों पर भी बंदी नजर आई। मुख्य चौक स्थित देवी जी मंदिर के कपाट दिन भर बंद रहे। मस्जिद में भी सुबह सात से रात 9 बजे तक आने-जाने पर प्रतिबंध नजर आया। चर्च व गुरूद्वारों के दरवाजे भी जनता कर्फ्यू के समर्थन में बंद ही नजर आये। बाबा भंवरनाथ मंदिर, विष्णु मंदिर, रैदोपुर दुर्गा मंदिर के कपट भी बंद रहे।इन स्थानों पर सुबह से लेकर देर शाम तक श्रद्धालुओं की भीड़ रहती थी। कर्फ्यू के समर्थन में यहां भी बंदी रखी गई। सिर्फ पुजारी आदि ने सफाई आदि के लिए इसे खोला।
सड़क पर चक्रमण करते रहे डीएम-एसपी
आजमगढ़। अभूतपूर्व जनता कर्फ्यू के दौरान जिले के आलाधिकारी सड़क पर नजर आये। सुबह से ही जिलाधिकारी एनपी सिंह, एसपी त्रिवेणी सिंह शहर के साथ ही ग्रामीणांचल का दौरा कर माहौल पर नजर रखे हुए थे। इतना ही नहीं जगह-जगह ये अधिकारी गाड़ियों से बाहर भी निकल कर लोगों से घरों में ही रहने की अपील भी कर रहे थे। एडीएम प्रशासन नरेंद्र सिंह भी अपने वाहन से चक्रमण करते नजर आए। पूरा प्रशासनिक अमला सड़क पर था और लोगों से घरों में ही रहने की अपील कर रहा था। साथ ही समर्थन के लिए लोगों का धन्यवाद भी किया।
अस्पताल पर भी पसरा नजर आया सन्नाटा
आजमगढ़। जनता कर्फ्यू को लेकर जिला व महिला अस्पताल पर भी सन्नाटा नजर आया। अस्पतालों पर जो मरीज भर्ती थे वे वार्डो के अंदर ही थे और उनके तीमारदार भी अस्पताल के अंदर ही एक जगह पर बैठे नजर आये। कोई नया मरीज अस्पतालों पर नहीं पहुंचा। अस्पतालों की इमरजेंसी में भी इक्का-दुक्का मरीज ही जनता कर्फ्यू के दौरान इलाज के लिए पहुंचे। अस्पतालों में डॉक्टरों व कर्मचारियों की टीम चौकन्नी नजर आयी।
घरों के छतों से लोग देख रहे थे नजारा
आजमगढ़। काफी दिनों बाद लोग दिन में परिवार के साथ रहे। वहीं कई लोग अपने छतो व बाजरों में कुर्सी लगा कर जनत कर्फ्यू का नजारा ले रहे थे। पुलिस कर्मी अथवा मीडियाकर्मी के पहुंचने पर ऐसे लोग अंदर भी हट जा रहे थे। सड़क पर सन्नाटा था लेकिन सायरन बजाते हुए जब कभी कोई पुलिस का वाहन गुजरता तो लोग अपने बारजे पर देखने को उमड़ जाते थे।
शहर के पुरानी कोतवाली स्थित शव मंदिर जनता कर्फ्यू के दौरान किया गया बंद ।- फोटो : AZAMGARH
शहर के आराजीबाग क्षेत्र में जनता कर्फ्यू के दौरान एक गली में पसरा संनाटा।- फोटो : AZAMGARH
शहर के हरिवंशपुर में जनता कर्फ्यू के दौरान सूनी सड़कें।- फोटो : AZAMGARH