राजस्थान के जयपुर में 2008 में हुए बम ब्लास्ट मामले में राजस्थान की निचली अदालत के विशेष न्यायाधीश रमेश कुमार जोशी ने 4 आतंकियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है।
दोषियों में मोहम्मद सरवर आजमी, सैफुर्रहमान, मोहम्मद सैफ और शाहबाज अहमद शामिल है। इसमें से तीन दोषी सैफुर्रहमान, मोहम्मद सैफ, मोहम्मद सरवर आजमी आजमगढ़ के रहने वाले हैं। सजा के दूसरे दिन आतंकी सैफुर्रहमान के पिता बोले हाईकोर्ट में अपील करेंगे। बेटे को फंसाया गया है। बेटे को अपनों ने ईर्ष्या में फंसाया है।
नगर कोतवाली क्षेत्र के बदरका मोहल्ले का निवासी सैफुर्रहमान का नाम बाटला हाउस एनकाउंटर के दौरान ही सामने आया था। एनकाउंटर के बाद उसकी लखनऊ से गिरफ्तारी हुई थी। वह भी बाटला हाउस के साथ ही जयपुर और अहमदाबाद विस्फोट में शामिल था।
उसके ऊपर लगभग 44 मुकदमे दर्ज हैं। दोषी सैफुर्रहमान के पिता डॉक्टर अब्दुल रहमान अंसारी जीव विज्ञान के प्रोफेसर है। उन्होंने बताया कि सैफुर्रहमान चार भाइयों में सबसे छोटा है। सबसे बड़ा भाई हैदराबाद में सीनियर साइंटिस्ट है। उससे छोटा भाई सीनियर साइंटिस्ट है। तीसरा भाई मुंबई में फायर काॅट्रैक्टर है।
सैफुर्रहमान जनपद के ज्योति निकेतन स्कूल में पढ़ता था। गुजरात के अहमदाबाद जेल में रहते हुए उसने पढ़ाई जारी रखी। जेल से ही उसने अंग्रेजी से एमए की डिग्री भी इंदिरा गांधी ओपन यूनिवर्सिटी से प्राप्त की।
पिता ने कहा कि उसे फंसाया गया है। उसे किसी गैर ने नहीं बल्कि अपनों ने ईष्या में फंसाया है। कहा कि वह निचली अदालत के फैसले को हाईकोर्ट में चुनौती देंगे। अदालत के फैसले के बाद पिता का बयान सामने आया है।