आजमगढ़। जेल की दुर्व्यवस्था को सुधार कर पटरी पर लाने का प्रयास करने वाले आजमगढ़ जेल के वरिष्ठ जेल अधीक्षक आरके मिश्रा को आईजी जेल पदक से नवाजा जाएगा। पंद्रह अगस्त यानी स्वतंत्रता दिवस पर जेल में बंदियों के समक्ष झंडारोहण के बाद ये सम्मान उन्हें दिया जाएगा। जेल प्रशासन की तरफ से शुरू हुई इस पहल से न केवल सम्मान पाने वालों का कद बढ़ेगा बल्कि काम करने का जज्बा भी बढ़ेगा। इस पुरस्कार के लिए चयनित जेल के अधिकारी और कर्मचारियों में खुशी है।
बता दें कि जेल के अधिकारी और कर्मचारियों की मिलीभगत से बंदियों ने जेल में दुर्व्यवस्था का आलम था। जेल के अंदर मोबाइल चलाने के विवाद में ही एक बंदी के इशारे पर उसके गुर्गों ने जेल परिसर में बने सरकारी आवास में घुसकर बंदी रक्षक मान सिंह को गोली मार दी थी। अमर उजाला ने जेल की अव्यवस्थाओं की तस्वीर सहित खबर प्रकाशित की थी। खबर को संज्ञान में लेते हुए 16 मार्च 2019 को एसपी सिटी और एडीएम प्रशासन ने छापा मारा। इस दौरान 35 से अधिक बंदियों के पास से मोबाइल बरामद हुए। जेल की पोल खुलने से नाराज बंदी रक्षकों ने बंदियों को थर्ड डिग्री दी। इससे नाराज बंदियों ने जमकर हंगामा किया। इस घटना के बाद जेल अधीक्षक, जेलर सहित अन्य लोगों को निलंबित करते हुए हटा दिया गया। जबकि अन्य के खिलाफ जांच चल रही है। शासन ने जेल की व्यवस्था में सुधार के लिए वरिष्ठ जेल अधीक्षक आरके मिश्रा को चार्ज सौंपा। उम्मीद पर खरा उतरते हुए आरके मिश्रा ने जेल की व्यवस्थाओं में काफी सुधार किया। ऐसे में महानिरीक्षक कारागार आनंद कुमार की तरफ से अधिकारियों का मनोबल बढ़ाने के उद्देश्य से आईजी प्रशंसा पदक चिह्न देने की योजना लागू की गई। इस पुरस्कार के लिए वरिष्ठ जेल अधीक्षक आरके मिश्रा का चयन किया गया है। 15 अगस्त के दिन जेल में ध्वजारोहण के बाद यह पुरस्कार दिया जाएगा।