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UP: बहन की शादी से लेकर बुलेट खरीदने में खर्च किए जेल प्रशासन की रकम, हत्यारोपी ने चुराई थी चेक बुक; 4 अरेस्ट

Sun, 12 Oct 2025 03:16 PM IST
अमन विश्वकर्मा अमर उजाला नेटवर्क, आजमगढ़।

सार

आजमगढ़ स्थित जिला कारागार से हत्या मामले में आरोपी 20 मई 2024 को छूटा था। उसने निकलते वक्त केनरा बैंक की चेक बुक को चुरा लिया। अगले दिन ही वह बैंक में गया और खुद को जेल का ठेकेदार बताकर पैसे निकालता रहा। इस मामले में चार आरोपी गिरफ्तार किए गए हैं।
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पुलिस की गिरफ्त में आरोपी। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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आजमगढ़ जिला कारागार से 30 नहीं बल्कि आरोपियों द्वारा 52 लाख 85 हजार रुपये गायब हुए थे। इस बात का खुलासा इस मामले नामजद चारो आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद पुलिस की पूछताछ में हुआ है। इस पैसे को उड़ाने के बाद रामजीत ने इसी पैसे से अपनी बहन की शादी की और अपने लिए बुलेट खरीदी।

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इस मामले का खुलासा करते हुए एसपी सिटी मधुबन सिंह ने बताया कि जेल अधीक्षक आदित्य कुमार की तहरीर पर कोतवाली थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की। पाया कि बीते 9 अक्टूबर को वरिष्ठ सहायक व लेखा प्रभारी मुशीर अहमद से बीएचयू, वाराणसी में उपचार के लिए भेजी गई धनराशि के शेष विवरण की जानकारी मांगी गई, लेकिन उन्होंने अनभिज्ञता जताई। 

इसके बाद जब केनरा बैंक, कोतवाली शाखा से खाता विवरण निकाला गया, तो 52,85,000 की संदिग्ध निकासी का मामला सामने आया। उन्होंने बताया कि यह धनराशि पूर्व बंदी रामजीत यादव उर्फ संजय निवासी ग्राम जमुआ सागर, थाना बिलरियागंज के खाते में स्थानांतरित की गई थी। 

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पुलिस ने की कार्रवाई

रामजीत 20 मई 2024 को सजा पूरी कर जेल से रिहा हो चुका था। उसने जेल में रहते हुए अपने साथी बंदी शिवशंकर यादव उर्फ गोरख निवासी ग्राम चकमेउवां, थाना रानी की सराय के साथ इस फर्जीवाड़े को अंजाम देने की योजना बनाई। शिवशंकर जेल में लेखा कार्यालय में राइटर के रूप में कार्यरत था। 

दोनों ने मिलकर जेल के कर्मचारी मुशीर अहमद और अवधेश कुमार पांडेय, दोनों की मिलीभगत से जेल अधीक्षक की चेकबुक चुराई और फर्जी हस्ताक्षर व मोहर तैयार कर करोड़ों रुपये निकालने की साजिश रची। कोतवाली पुलिस की टीम ने शनिवार देर रात उप निरीक्षक दल प्रताप सिंह के नेतृत्व में चारों आरोपियों को हिरासत में ले लिया। पूछताछ के दौरान सभी ने अपना अपराध स्वीकार किया।
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आरोपियों को भेजा गया जेल

पुलिस अधीक्षक नगर मधुबन कुमार सिंह ने बताया कि आरोपी रामजीत यादव के पास से गबन की रकम से खरीदी गई एक बुलेट मोटरसाइकिल, मोबाइल फोन, बैंक चेक की फोटो, बैंक स्टेटमेंट और जेल की फर्जी मुहर बरामद की गई है। 

पूछताछ में रामजीत ने बताया कि उसने बहन की शादी में 25 लाख खर्च किए, 3.75 लाख रुपये की बुलेट खरीदी और 10 लाख रुपये कर्ज चुकाने में लगाए। उसके खाते में बची 23 हजार रुपये की राशि को पुलिस ने होल्ड कर दिया है। वहीं अन्य अभियुक्तों में मुशीर अहमद ने 7 लाख, शिवशंकर यादव ने 5 लाख और अवधेश पांडेय ने 1.5 लाख रुपये व्यक्तिगत व घरेलू खर्चों में खर्च कर दिए।

पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी, आपराधिक षड्यंत्र और भ्रष्टाचार समेत संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर आगे की विधिक कार्रवाई शुरू कर दी है। मामले की गहराई से जांच की जा रही है, जिससे अन्य संभावित संलिप्त लोगों की भूमिका भी उजागर की जा सके।
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