विधान परिषद सदस्य रामसूरत राजभर।
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उत्तर प्रदेश विधान परिषद में आजमगढ़ की ऐतिहासिक एवं प्राकृतिक धरोहर बड़ैला ताल के संरक्षण, सौंदर्यीकरण और पर्यटन विकास का मुद्दा प्रमुखता से उठा। विधान परिषद सदस्य रामसूरत राजभर ने नियम-115 के तहत सरकार का ध्यान आकर्षित करते हुए बड़ैला ताल को पर्यटन की दृष्टि से विकसित करने की मांग की।
एमएलसी के मंडलीय प्रतिनिधि सौरभ उपाध्याय द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, रामसूरत राजभर ने सदन में कहा कि लगभग 16 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में फैला बड़ैला ताल पूर्वांचल की महत्वपूर्ण प्राकृतिक धरोहर है। सफेद और गुलाबी कमल, प्रवासी साइबेरियन पक्षियों तथा समृद्ध जैव विविधता के कारण यह राष्ट्रीय स्तर का प्रमुख पर्यटन स्थल बनने की क्षमता रखता है, लेकिन अब तक अपेक्षित विकास नहीं हो सका है।
उन्होंने सरकार से बड़ैला ताल के वैज्ञानिक संरक्षण और सौंदर्यीकरण के साथ वॉकिंग ट्रैक, नौकायन की व्यवस्था, बच्चों के लिए पार्क, पक्षी विहार (बर्ड सेंचुरी), पर्यटक आवास तथा अन्य आधुनिक पर्यटन सुविधाएं विकसित कराने की मांग की। उनका कहना था कि इससे पर्यावरण संरक्षण के साथ स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे और आजमगढ़ को पर्यटन मानचित्र पर नई पहचान मिलेगी। रामसूरत राजभर ने कहा कि बड़ैला ताल केवल आजमगढ़ ही नहीं, बल्कि पूरे पूर्वांचल की प्राकृतिक एवं सांस्कृतिक धरोहर है।