रानी की सराय। जिले में नहरों का जाल तो है, लेकिन आवश्यकता पर पानी ही नहीं उपलब्ध हो पाता है। जिससे रानी की सराय क्षेत्र में अन्नदाताओं को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। नहर में पानी न होने से किसान धान की नर्सरी नहीं डाल पा रहे हैं। कुछ किसान तो डाल दिए लेकिन वह विवश होकर निजी ट्यूबवेल से खेतों की सिंचाई कर रहे है।
जिले में नहरों का जाल व सरकारी ट्यूबवेल की भरमार है। इसके बावजूद किसान सिंचाई के लिए परेशान हैं। जिले में लगभग 56 हजार हेक्टेयर भूमि की सिंचाई 1892.64 किमी लंबी 384 नहरों से होती है। साथ ही किसानों को सिंचाई में किसी प्रकार की असुविधा न हो उसे देखते हुए कुल 575 सरकारी नलकूप स्थापित किए गए हैं। इसमें 30 से 40 ट्यूबवेल बिजली और यांत्रिक खराबी के चलते बंद हैं।
रानी की सराय क्षेत्र के उमा के पूरा, अलीपुर, रोवा, विशुनपुर, कोटिला, दिलौरी, इश्वरपुर व सोनवारा सहित अन्य क्षेत्रों में पानी नहीं आने से परेशानी हो रही है। इससे किसान काफी परेशान है। वह धान की नर्सरी भी नहीं डाल रहे हैं। रानी की सराय क्षेत्र के रहने वाले मनोज तिवारी, धर्मेंद्र, सुभाष प्रजापति, रामधनी गौड़, राकेश यादव, सुनील विश्वकर्मा, राहुल विश्वकर्मा, नगेंद्र राजभर व सुरेश कुमार ने कहा कि इन क्षेत्रों से गुजर रही शारदा सहायक खंड 32 के शाखा की नहर में पानी नहीं आ रहा है। नहर में धूल उड़ रही है। पानी न आने से किसान काफी परेशान है। वह किसी तरह निजी ट्यूबवेल के माध्यम से पानी लेकर धान की नर्सरी तैयार कर रहे हैं। शारदा सहायक खंड-32 के अधिशासी अभियंता अशोक सिंह ने कहा कि शासन से पानी छूटने के लिए तिथि निर्धारित है। पांच जून को ऊपर से पानी छूटेगा। इसके बाद ही किसानों को नहर में पानी मिल पाएगा। इसके पहले पानी नहीं आने वाला है।
खंडवार नहरो की संख्या व लंबाई किमी में
कुल नहरों की संख्या - 384 - 1872.64
शारदा सहायक खंड 23 - 155 - 819.38
शारदा सहाय खंड-32 - 198 - 915.98
शारदा सहायक खंड-25 - 10 - 42.97