नसीम हैदर रिजवी ने बताया कि पुत्री की जान की सलामती के लिए पूरा परिवार लगातार दुआएं करता रहा, दुआएं रंग लाई। भारत सरकार और एंबेसी की तत्परता से उनकी पुत्री सकुशल वापस लौट आई। अलीशा के पिता ने बताया कि उनकी बेटी को एयरपोर्ट तक बस से पहुंचाया गया और फिर एक सुरक्षित मार्ग से भारत लाया गया। हमने हर वक्त दुआ की, अलीशा के पिता और माता ने प्रदेश की योगी सरकार और केंद्र की मोदी सरकार और भारतीय दूतावास का दिल से शुक्रिया अदा किया।
मेरा पर्सनल मामला, बेटी की न तो फोटो दे सकता और न बात करा सकता
अमर उजाला की टीम रविवार को ईरान से लौटी अलीशा के घर पहुंची। घर पर सभी मौजूद थे। अलीशा के पिता नसीम हैदर रिजवी ने कहा कि सबसे पहले आपको बता दें कि यह हमारा पर्सनल मामला है। हमारे यहां बेटियों को सबसे मिलाने का रिवाज नहीं है। हम न तो बेटी से मिला पाएंगे, न तो उससे बात करा पाएंगे और न ही उसकी फोटो देंगे। आपको जो भी पूछना है वो हमसे पूछिए।