आजमगढ़। उप्र माध्यमिक शिक्षा विभाग ने संस्कृत विद्यालयों में हुई नियुक्ति में अनियमितता की शिकायत पर जांच शुरू हो गई है। बोर्ड ने शिक्षकों का डेटा तलब किया था। आवश्यक जानकारी व दस्तावेज उपलब्ध कराने के निर्देश अपर शिक्षा निदेशक माध्यमिक ने संयुक्त शिक्षा निदेशक (जेडी) को दिए हैं।
कई माह बाद भी डेटा नहीं मिला तो संयुक्त शिक्षा निदेशक ने पटल सहायक को पटल से हटा दिया। इसके बाद स्वयं शिक्षकों का डेटा अपर शिक्षा निदेशक को भेजा। ऐसे में इन शिक्षकों पर कार्रवाई की तलवार लटक रही है।
कुछ वर्ष पूर्व माध्यमिक शिक्षा विभाग ने छह संस्कृत विद्यालयों में शिक्षकों की नियुक्ति की थी। कुछ शिक्षकों के खिलाफ शिकायत भी मिली थी। इसे लेकर विभाग द्वारा जांच कराने के लिए निर्देश दिए। अपर निदेशक ने नियुक्त शिक्षकों का अभिलेख मांगा था।
आजमगढ़ मंडल के संयुक्त शिक्षा निदेशक ने पटल पर तैनात बाबू से अभिलेख मांगा, लेकिन उसने लापरवाही बरती थी। इससे नाराज संयुक्त शिक्षा निदेशक ने पटल सहायक को हटाकर उसके स्थान पर दूसरे को कार्यभार सौंप दिया। संयुक्त शिक्षा निदेशक ने सभी अभिलेखों की जांच कर निदेशक को सौंपेंगे।
संयुक्त शिक्षा निदेशक दिनेश सिंह ने कहा कि पटल सहायक द्वारा अभिलेख नहीं दिए जा रहे थे। इसे लेकर उन्हें पटल से हटाकर दूसरे बाबू को सौंप दिया है। अभिलेख सभी मंगाकर उसकी जांच निदेशक को भेज दी गई है।