तलाशी के दौरान उसके कब्जे से 400 रुपये नकद, आभूषण साफ करने वाले केमिकल से भरी एक प्लास्टिक की शीशी और विभिन्न रंगों के 10 नग पत्थर बरामद किए गए। पूछताछ में आरोपी ने बताया कि वह अपने साथियों सैफ अली खां, इमरान और लईक उर्फ लकी के साथ मिलकर अंतरराज्यीय ठगी गिरोह चलाता था।
गिरोह के सदस्य विभिन्न राज्यों में घूमकर विशेष रूप से अधेड़ और बुजुर्ग महिलाओं को धर्म-कर्म, ग्रहदोष और पूजा-पाठ का भय दिखाकर विश्वास में लेते थे और उनके आभूषण और नकदी लेकर भाग गए थे। आरोपी ने स्वीकार किया कि छह और सात फरवरी को गिरोह के चारों सदस्य आजमगढ़ आए थे। 6 फरवरी को बेलइसा सब्जी मंडी क्षेत्र और सात फरवरी को लाइफ लाइन हॉस्पिटल के पास दो महिलाओं से ठगी की वारदात को अंजाम दिया था।
ठगी के बाद आभूषण बेचकर मिली रकम आपस में बांट ली गई थी। आरोपी के हिस्से में करीब 35 हजार रुपये आए थे, जिनमें से अधिकांश खर्च हो चुके हैं। कोतवाल यादवेंद्र पांडेय ने बताया कि गिरफ्तार आरोपी के विरुद्ध आजमगढ़ के अलावा सोनभद्र जिले में भी धोखाधड़ी, जालसाजी और गैंगस्टर एक्ट समेत कई प्राथमिकी दर्ज हैं। आरोपी के विरुद्ध अग्रिम विधिक कार्रवाई की जा रही है।