आजमगढ़। बिलरियागंज विकास खंड के बिंदवल गांव निवासी शैलेंद्र कुमार ने मंडलायुक्त से ग्राम प्रधान द्वारा गबन किए जाने की शिकायत की गई थी। इस शिकायत पर मंडलायुक्त ने कमेटी गठित कर जांच कराई। मामला पुष्ट होने पर ग्राम प्रधान और ग्राम पंचायत अधिकारी के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराते हुए गबन की गई धनराशि के वसूली का निर्देश डीएम को दिया है।
शैलेंद्र कुमार ने अपनी शिकायत में मंडलायुक्त को बताया कि प्रधान द्वारा ग्राम समिति के गठन के पूर्व ग्राम निधि खाते से काफी पैसा अपने व अपने चहेतों के नाम निकाल कर सरकारी धन का गबन कर लिया है। इस शिकायत पर मंडलायुक्त ने अपर आयुक्त अनिल कुमार मिश्रा की अध्यक्षता में एक जांच कमेटी का गठन किया गया। कमेटी ने अपनी जांच में पाया कि ग्राम पंचायत की कार्यप्रणाली अनियमित एवं दोषपूर्ण है। जिसके लिए ग्राम प्रधान व ग्राम पंचायत अधिकारी पूर्णतया दोषी एवं उत्तरदायी हैं। वहीं ग्राम निधि खाते के प्राप्त बैंक स्टेटमेंट से स्पष्ट हुआ कि ग्राम प्रधान द्वारा दिनांक दो दिसंबर 2016 से लेकर ग्राम समिति के गठन चार मार्च 2018 तक ग्राम निधि खाते से 860932 रूपये का आहरण नियम विरुद्ध किया गया है। जिसमें कई बार एक ही व्यक्ति के नाम एक ही तिथि में कई भुगतान किया गया है। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि ग्राम प्रधान द्वारा सिंचाई बंधे पर लगाए गए सूखे एवं हरे पेड़ों को काटकर अवैधानिक तरीके से निस्तारित किया गया। अवैधानिक तरीके से पेड़ों को काटे जाने के प्रकरण में मंडलायुक्त ने वन एवं पुलिस विभाग से गहन जांच कराने का निर्देश दिया। वहीं वित्तीय अनियमितता पर डीएम को निर्देशित करते हुए कहा कि जांच कमेटी द्वारा जांच में वित्तीय अनियमितता के पाए गए दोषियों से दुरुपयोग की गई धनराशि की रिकवरी करने के साथ.साथ सुसंगत धाराओं के तहत अभियोग पंजीकृत कराते हुए एक सप्ताह में आयुक्त कार्यालय को अवगत कराएं।